Renshaw: ‘Nice to realise that I’m good enough at T20Is’ – ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज का बड़ा बयान
मैथ्यू रेनशॉ का शानदार प्रदर्शन और ऑस्ट्रेलिया की वापसी
बांग्लादेश के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने शानदार खेल दिखाते हुए 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। सीरीज के दौरान ऑस्ट्रेलियाई टीम का प्रदर्शन न केवल प्रभावशाली रहा, बल्कि यह उनकी हताशा को भी दर्शाता है जो वनडे सीरीज में 2-1 की हार के बाद देखने को मिली थी। इस बदलाव के नायक रहे मैथ्यू रेनशॉ, जिन्होंने शुक्रवार के मैच में प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता।
मैथ्यू रेनशॉ की आत्मविश्वास भरी पारी
अपनी नाबाद 89 रनों की पारी पर बात करते हुए रेनशॉ ने कहा, Renshaw: ‘Nice to realise that I’m good enough at T20Is’। उन्होंने स्वीकार किया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के विभिन्न प्रारूपों में उनका सफर थोड़ा अजीब रहा है, लेकिन अब वह अपनी त्वचा में सहज महसूस कर रहे हैं। रेनशॉ ने आगे कहा, ‘यह मेरे लिए एक बहुत महत्वपूर्ण पारी थी। खराब स्कोर के दौर से गुजरने के बाद, यह याद रखना जरूरी था कि मैं क्यों और कैसे खेलना चाहता हूँ।’
टीम की रणनीति और टिम डेविड का साथ
रेनशॉ ने बताया कि टिम डेविड के साथ उनकी साझेदारी ने खेल की गति को बदल दिया। ‘टिम डेविड के साथ खेलना हमेशा सुखद होता है। हमने कोई बहुत जटिल योजना नहीं बनाई थी, बस खेल के दौरान गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक होने और रन स्कोरिंग के अवसरों को पहचानने का तालमेल बिठाया था। छोटी बाउंड्री और हवा की दिशा का फायदा उठाना भी हमारी रणनीति का हिस्सा था।’
गेंदबाजी में भी योगदान
सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, रेनशॉ ने अपनी गेंदबाजी से भी सबको चौंकाया है। बांग्लादेश दौरे पर अब तक वह ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे हैं। उन्होंने मजाक में कहा, ‘मुझे बताया गया कि मेरी गेंदबाजी उतनी अच्छी नहीं है, लेकिन मैं इसे एक बल्लेबाज के नजरिए से देखता हूँ। मैं समझने की कोशिश करता हूँ कि अगला बल्लेबाज क्या सोच रहा है और उसी के अनुसार अपनी गेंदों में बदलाव करता हूँ।’
अंत के ओवरों में एडम ज़म्पा और नाथन एलिस का कमाल
मैच के अंतिम पांच ओवरों में बांग्लादेश की बल्लेबाजी को रोकने में एडम ज़म्पा, नाथन एलिस और आरोन हार्डी की भूमिका अहम रही। रेनशॉ ने नाथन एलिस की तारीफ करते हुए कहा, ‘एलिस का डेथ ओवरों में प्रदर्शन बेहतरीन है। वह गेंद को जिस तरह से नियंत्रित करते हैं और बल्लेबाज को अपनी धीमी गति की गेंदों से छकाते हैं, वह काबिले तारीफ है। उनका प्रदर्शन टीम के लिए बहुत मूल्यवान है।’
निष्कर्ष
वनडे सीरीज में मिली हार के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए यह जीत एक मरहम की तरह है। मैथ्यू रेनशॉ का यह आत्मविश्वास न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई टी20 टीम के भविष्य के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है। रेनशॉ का मानना है कि अब उनमें वह स्पष्टता और इरादा आ गया है जिसकी कमी उन्हें पाकिस्तान और बांग्लादेश के पिछले मैचों में खल रही थी। इस जीत के साथ, ऑस्ट्रेलिया ने यह साबित कर दिया है कि वे किसी भी स्थिति में वापसी करने का माद्दा रखते हैं और आने वाले समय में वे और भी मजबूत बनकर उभरेंगे।
