Mahmudullah Riyad appointed Bangladesh U-19 mentor, Hannan Sarkar named head coa के साथ नई शुरुआत
बांग्लादेश क्रिकेट का नया अध्याय: दिग्गजों को मिली नई जिम्मेदारी
बांग्लादेश क्रिकेट जगत में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अनुभवी क्रिकेटर महमदुल्लाह रियाद ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अब कोचिंग और मेंटरशिप की दुनिया में अपना पहला कदम रखा है। बीसीबी ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि Mahmudullah Riyad appointed Bangladesh U-19 mentor, Hannan Sarkar named head coa के रूप में नियुक्त किए गए हैं। यह निर्णय देश की युवा क्रिकेट प्रतिभाओं को सही दिशा देने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने की एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है।
महमदुल्लाह रियाद: अनुभव का मार्गदर्शन
महमदुल्लाह रियाद, जिन्हें बांग्लादेशी क्रिकेट का स्तंभ माना जाता है, अब अंडर-19 टीम के मेंटर के रूप में काम करेंगे। यद्यपि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनकी सक्रियता बनी हुई है। बीसीबी का मानना है कि महमदुल्लाह का लंबा अनुभव युवा खिलाड़ियों के मानसिक और तकनीकी विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। उनका प्रभाव केवल अंडर-19 टीम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वे बोर्ड की विभिन्न विकास परियोजनाओं और हाई परफॉरमेंस (HP) यूनिट के साथ भी मिलकर काम करेंगे। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाने वाली टीम के साथ उनकी भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।
हन्नान सरकार: मुख्य कोच के रूप में नई भूमिका
वहीं दूसरी ओर, पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता और क्रिकेटर हन्नान सरकार को अंडर-19 टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। हन्नान के पास खेल की गहरी समझ है और चयनकर्ता के रूप में उनके नौ साल के कार्यकाल ने उन्हें खिलाड़ियों की प्रतिभा को पहचानने में माहिर बना दिया है। हन्नान सरकार ने अपनी नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके लिए एक लंबे समय से देखा गया सपना था। उन्होंने कहा, ‘नौ साल तक चयन पैनल में रहने के बाद, अब मुझे फिर से मैदान पर कोच के रूप में काम करने का अवसर मिला है। स्थानीय प्रशिक्षकों पर भरोसा जताना बोर्ड का एक सकारात्मक कदम है।’
बीसीबी की रणनीति और भविष्य की योजनाएं
बोर्ड की नई नीति के अनुसार, हन्नान सरकार सीधे तौर पर टीम के प्रशिक्षण शिविरों और अंतरराष्ट्रीय दौरों के दौरान काम करेंगे। बीसीबी ने अपने प्रशिक्षकों के लिए एक नियम भी बनाया है, जिसके तहत वे ढाका प्रीमियर लीग (DPL) या बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) में से किसी एक में ही काम कर सकते हैं, ताकि वे अपनी पूरी ऊर्जा राष्ट्रीय युवा टीम को दे सकें। इसके अतिरिक्त, बीसीबी ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले पूर्व सलामी बल्लेबाज इमरुल कायेस को भी कोचिंग सेटअप में शामिल करने पर विचार कर रही है।
युवा प्रतिभाओं के लिए सुनहरा अवसर
इस बदलाव के पीछे मुख्य उद्देश्य बांग्लादेशी क्रिकेट की भविष्य की नींव को मजबूत करना है। महमदुल्लाह रियाद और हन्नान सरकार जैसे अनुभवी खिलाड़ियों का एक साथ आना युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है। महमदुल्लाह का मेंटरशिप कौशल और हन्नान का कोचिंग अनुभव मिलकर निश्चित रूप से टीम को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि ये दिग्गज खिलाड़ी बांग्लादेश के युवा क्रिकेटरों को किस तरह से निखारते हैं और क्या वे आने वाले समय में विश्व स्तरीय खिलाड़ी तैयार करने में सफल होते हैं।
बीसीबी का यह कदम स्थानीय कोचिंग स्टाफ को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक साहसिक प्रयास है। अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो बांग्लादेश क्रिकेट के लिए आने वाले दिन और भी उज्ज्वल होंगे। प्रशंसक और क्रिकेट विशेषज्ञ इस नई जोड़ी से बहुत उम्मीदें लगाए हुए हैं।
