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IPL 2026: रिटायर्ड हर्ट होने वाले खिलाड़ियों की सूची और नियम

Reyansh Iyer · · 1 min read

IPL 2026 में चोटों का साया: रिटायर्ड हर्ट होने वाले खिलाड़ी

इंडियन प्रीमियर लीग का 2026 संस्करण अपने चरम पर है और मैदान पर हर गेंद के साथ मुकाबला कड़ा होता जा रहा है। इस कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच, खिलाड़ियों का चोटिल होना और मैदान से बाहर जाना कई बार मैच का रुख बदल देता है। हाल ही में लखनऊ सुपर जायंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच हुए मुकाबले में ऋषभ पंत को अपनी पारी के दौरान रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा।

यह घटना तब घटी जब जोश हेजलवुड की एक घातक शॉर्ट गेंद पंत के बाएं कोहनी पर लगी। दर्द के बावजूद पंत ने खेलने की कोशिश की, लेकिन असहनीय पीड़ा के कारण उन्हें पांचवें ओवर में मैदान छोड़ना पड़ा। यह केवल पंत की बात नहीं है; IPL 2026 में रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी इसी तरह की स्थिति का सामना कर चुके हैं।

रोहित शर्मा का रिटायर्ड हर्ट होना

मुंबई इंडियंस के स्टार ओपनर रोहित शर्मा भी IPL 2026 के दौरान रिटायर्ड हर्ट हुए थे। वानखेड़े स्टेडियम में आरसीबी के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए, छठे ओवर में रोहित को हैमस्ट्रिंग में समस्या महसूस हुई। मेडिकल टीम द्वारा पट्टी बांधने के बाद उन्होंने एक गेंद खेलने का प्रयास किया, लेकिन दर्द अधिक होने के कारण 19 रन (13 गेंद) के निजी स्कोर पर उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा। दुर्भाग्यवश, मुंबई इंडियंस 241 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 18 रनों से मैच हार गई।

रिटायर्ड हर्ट बनाम रिटायर्ड आउट: मुख्य अंतर

क्रिकेट के नियमों को समझने वाले प्रशंसक अक्सर ‘रिटायर्ड हर्ट’ और ‘रिटायर्ड आउट’ के बीच भ्रमित हो जाते हैं। एमसीसी (MCC) कानून 25.4 के अनुसार, इनके बीच स्पष्ट अंतर है:

  • रिटायर्ड हर्ट (Retired Hurt): यदि कोई बल्लेबाज चोट, बीमारी या किसी अपरिहार्य कारण से मैदान छोड़ता है, तो उसे ‘रिटायर्ड नॉट आउट’ माना जाता है। ऐसे खिलाड़ी के पास यह विकल्प होता है कि वह बाद में अपनी पारी जारी रख सके, बशर्ते टीम के सभी विकेट न गिरे हों। इसके लिए अंपायर को सूचित करना अनिवार्य है।
  • रिटायर्ड आउट (Retired Out): यह एक रणनीतिक निर्णय होता है। जब कोई बल्लेबाज बिना किसी शारीरिक समस्या के, केवल खेल की स्थिति (जैसे तेजी से रन बनाने के लिए) के अनुसार अपनी मर्जी से मैदान छोड़ता है, तो उसे ‘रिटायर्ड आउट’ कहा जाता है। ऐसे बल्लेबाज को विपक्षी कप्तान की सहमति के बिना दोबारा बल्लेबाजी करने की अनुमति नहीं होती।

निष्कर्ष

IPL का इतिहास ऐसे कई पलों का गवाह रहा है जहाँ खिलाड़ियों ने टीम के हित में या चोट के कारण मैदान छोड़ने का साहसी निर्णय लिया है। रिटायर्ड हर्ट की स्थिति न केवल खिलाड़ी के स्वास्थ्य पर निर्भर करती है, बल्कि यह टीम की रणनीति को भी प्रभावित करती है। आने वाले मैचों में यह देखना दिलचस्प होगा कि टीमें अपने खिलाड़ियों की फिटनेस और मैच की परिस्थितियों को कैसे संतुलित करती हैं।

क्रिकेट के मैदान पर होने वाली ये घटनाएं हमें यह याद दिलाती हैं कि खेल का रोमांच और खिलाड़ियों की सुरक्षा दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। चाहे वह ऋषभ पंत का संयम हो या रोहित शर्मा की मैदान पर वापसी की कोशिश, हर खिलाड़ी का प्रयास IPL की विरासत को समृद्ध करता है।

Reyansh Iyer
Reyansh Iyer

Reyansh Iyer is a lead contributor at getcricket.co, focusing on international fixtures and data-driven analysis. A cricket historian at heart, he balances modern T20 analytics with a deep respect for the traditions of the Test game.