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Ollie Robinson was ‘nowhere near ready for Ashes’ despite stunning comeback disp

Rohan Mehta · · 1 min read

लॉर्ड्स में ओली रॉबिन्सन का तूफानी आगाज

लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन ने अपनी वापसी का जो दृश्य पेश किया, वह क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी सपने जैसा था। ढाई साल के लंबे अंतराल के बाद टेस्ट क्रिकेट में लौटे रॉबिन्सन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवाते हुए शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि, उनके इस प्रदर्शन के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या वह पिछले एशेज अभियान में इंग्लैंड के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकते थे।

शानदार गेंदबाजी और भीड़ का उत्साह

रॉबिन्सन ने नई गेंद से गेंदबाजी की शुरुआत करते हुए न्यूजीलैंड के शीर्ष क्रम की कमर तोड़ दी। उन्होंने अपने पहले ही ओवर में तीन विकेट लेकर इंग्लैंड को मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया। जब उन्होंने केन विलियमसन को शून्य पर आउट किया, तो लॉर्ड्स का शोर देखने लायक था। रॉबिन्सन ने खुद स्वीकार किया कि उन्होंने क्रिकेट के मैदान पर इससे पहले इतना शोर कभी नहीं सुना था। उस पल को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं सातवें आसमान पर था, मेरे पैर सुन्न हो गए थे और मैं बस शांत रहने की कोशिश कर रहा था।’

क्यों एशेज के लिए तैयार नहीं थे रॉबिन्सन?

सोशल मीडिया और क्रिकेट गलियारों में अक्सर यह सवाल पूछा जाता है कि क्या रॉबिन्सन एशेज में इंग्लैंड की हार को टाल सकते थे? जब उनसे इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि Ollie Robinson was ‘nowhere near ready for Ashes’ despite stunning comeback disp के बावजूद, वह उस समय इसके लिए तैयार नहीं थे। उन्होंने कहा, ‘सच कहूं तो, मैं खेलने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं था, न एक इंसान के रूप में और न ही एक क्रिकेटर के रूप में। पिछले कुछ महीनों में ही मुझे खेल का आनंद वापस मिला है।’

गेंदबाजी की बारीकियां और रणनीति

रॉबिन्सन की गेंदबाजी में ‘वबल सीम’ का शानदार इस्तेमाल देखने को मिला। उन्होंने बताया कि किस तरह उन्होंने और गस एटकिंसन ने विकेट की परिस्थितियों को समझते हुए अपनी रणनीति बनाई। उन्होंने कहा, ‘हमने देखा कि न्यूजीलैंड के गेंदबाजों की स्विंग गेंदें पिच पर उतनी प्रभावी नहीं थीं जितनी उनकी वबल सीम गेंदें। मैंने अपनी गेंदबाजी में भी उसी को अपनाने का प्रयास किया।’

बेन स्टोक्स का समर्थन और नई शुरुआत

रॉबिन्सन की वापसी में कप्तान बेन स्टोक्स और कोच ब्रेंडन मैकुलम का बड़ा हाथ रहा है। रॉबिन्सन ने अपनी जर्सी का नंबर बदलकर 1 कर लिया है, जो अक्सर कप्तान का होता है, लेकिन स्टोक्स ने इसे सहजता से स्वीकार किया। रॉबिन्सन ने बताया कि स्टोक्स ने उन्हें संदेश भेजा था कि ‘वापसी शानदार है, लेकिन असली कड़ी मेहनत अभी बाकी है।’

  • रॉबिन्सन की कौशल क्षमता पर कभी संदेह नहीं था, मुख्य चुनौती फिटनेस थी।
  • ऑस्ट्रेलिया में ग्रेड क्रिकेट और सिडनी यूनिवर्सिटी के साथ बिताया समय काम आया।
  • स्टोक्स और मैकुलम का समर्थन उनके लिए प्रेरणा का स्रोत बना।

निष्कर्ष

ओली रॉबिन्सन का यह प्रदर्शन इंग्लैंड की टीम के लिए एक सकारात्मक संकेत है। भले ही वह अतीत में एशेज के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन अब उनकी फिटनेस और मानसिक मजबूती उन्हें एक बेहतर गेंदबाज बना रही है। रॉबिन्सन का मानना है कि वह अभी भी पूर्णता की ओर बढ़ रहे हैं और उन्हें अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है, लेकिन लॉर्ड्स की यह वापसी निश्चित रूप से उनके करियर का एक महत्वपूर्ण अध्याय साबित होगी।

Rohan Mehta
Rohan Mehta

Rohan Mehta combines a scout’s eye for talent with a fan’s pure passion for the game. As a featured columnist for getcricket.co, he spends his days tracking delivery speeds and his nights debating the finer points of the "Spirit of Cricket." From the dusty pitches of local circuits to the floodlights of world-class stadiums, Adrian is dedicated to delivering the "why" behind the scoreboard. When he isn't crunching numbers or interviewing players, you’ll likely find him arguing that Test cricket is still the ultimate format of the sport.