‘Really special’ – Yastika flourishes after her long road back – यस्तिका भाटिया की शानदार वापसी: चोट के बाद पहले ही मैच में जड़ा अर्धशतक
यस्तिका भाटिया की वापसी: एक प्रेरणादायक सफर
लंबे समय तक चोट से जूझने और घुटने की सर्जरी से गुजरने के बाद, यस्तिका भाटिया के लिए मैदान पर वापसी करना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ हालिया टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उन्होंने जिस तरह की बल्लेबाजी की, उसे देखकर ऐसा लगा ही नहीं कि वह दो साल से अधिक समय बाद इस प्रारूप में खेल रही थीं। यस्तिका ने न केवल अपनी फॉर्म दिखाई, बल्कि अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक जड़कर भारतीय टीम को एक मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
मुश्किल परिस्थितियों में संयम
मैच की शुरुआत भारत के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रही। लॉरेन बेल की घातक गेंदबाजी के चलते भारतीय टीम ने पहले ही ओवर में स्मृति मंधाना और शैफाली वर्मा के विकेट गंवा दिए थे। कप्तान हरमनप्रीत कौर को आराम दिए जाने के कारण जिम्मेदारी और भी बढ़ गई थी। ऐसे नाजुक मोड़ पर यस्तिका भाटिया और जेमिमा रोड्रिग्स ने मोर्चा संभाला। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 126 रनों की शानदार साझेदारी हुई, जिसने भारत की 38 रनों से जीत की नींव रखी।
चोट से उबरने की चुनौती
यस्तिका का सफर आसान नहीं रहा। पिछले अक्टूबर में सर्जरी के बाद से उन्हें शून्य से शुरुआत करनी पड़ी। उन्होंने खुद साझा किया कि एसीएल सर्जरी के बाद मांसपेशियों को फिर से बनाना कितना कठिन होता है। उन्होंने कहा, ‘ऐसे दिन भी थे जब कोई प्रगति नहीं दिख रही थी, लेकिन टीम प्रबंधन और साथियों के समर्थन ने मुझे हार नहीं मानने दी। जेमिमा और बाकी टीम का साथ मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण रहा। सब कुछ ठीक रहा, क्योंकि अंत भला तो सब भला।’
नंदिनी शर्मा का यादगार पदार्पण
यस्तिका की बल्लेबाजी के अलावा, भारतीय टीम के लिए एक और सकारात्मक पहलू तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा का पदार्पण रहा। 24 वर्षीय नंदिनी ने 34 रन देकर 3 विकेट चटकाए। यस्तिका ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि एक डेब्यू मैच में ऐसा प्रदर्शन असाधारण है। नंदिनी ने साबित किया कि महिला प्रीमियर लीग (WPL) भारतीय क्रिकेट के लिए नई प्रतिभाओं को खोजने का एक शानदार मंच है।
टी20 विश्व कप की ओर कदम
यह जीत भारत की गहराई को दर्शाती है। बिना अपनी नियमित कप्तान के भी टीम ने इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ एक उच्च स्कोर खड़ा किया। आगामी टी20 विश्व कप से पहले यह जीत भारतीय खेमे के लिए एक बड़ा आत्मविश्वास है। दूसरी ओर, इंग्लैंड की टीम के लिए यह हार चिंता का विषय है, खासकर जब वे नट साइवर-ब्रंट की फिटनेस को लेकर जूझ रहे हैं। एमी जोन्स का अर्धशतक उनके लिए एक सकारात्मक संकेत रहा, लेकिन भारत का गेंदबाजी आक्रमण उनसे कहीं अधिक प्रभावशाली साबित हुआ।
निष्कर्ष
यस्तिका भाटिया की वापसी केवल एक अर्धशतक नहीं, बल्कि उनकी अटूट इच्छाशक्ति और कड़ी मेहनत का परिणाम है। जैसे-जैसे टी20 विश्व कप करीब आ रहा है, भारतीय महिला टीम का प्रदर्शन और खिलाड़ियों का फॉर्म यह संकेत दे रहा है कि वे बड़े टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अब सभी की निगाहें शनिवार को ब्रिस्टल में होने वाले दूसरे टी20 मैच पर टिकी हैं, जहां इंग्लैंड वापसी करने की कोशिश करेगा, जबकि भारतीय टीम अपनी लय को बरकरार रखना चाहेगी।
