Patidar: Mindset is the same as last year’s final – आरसीबी की खिताबी जंग
आईपीएल फाइनल की दहलीज पर आरसीबी
अहमदाबाद के मैदान पर आईपीएल 2026 के फाइनल मुकाबले से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की टीम पूरी तरह से केंद्रित नजर आ रही है। टीम के कप्तान रजत पाटीदार ने स्पष्ट किया है कि वे इस मैच को अपनी विरासत या किसी बड़े व्यक्तिगत कीर्तिमान के रूप में नहीं देख रहे हैं। उनका मानना है कि टीम ने जो कड़ी मेहनत की है, यह मैच बस उसका परिणाम हासिल करने का एक अवसर है।
माइंडसेट और वर्तमान पर ध्यान
जब रजत पाटीदार से उनकी कप्तानी और पिछले कुछ वर्षों में टीम के सफर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही सरल और स्पष्ट लहजा अपनाया। उन्होंने कहा, Patidar: Mindset is the same as last year’s final, और यही बात उन्हें मानसिक रूप से शांत रखती है। पाटीदार के अनुसार, वे भविष्य की चिंता करने या अतीत के आंकड़ों में उलझने के बजाय वर्तमान में रहकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में विश्वास रखते हैं। उनका कहना है कि कप्तानी मिलने के बाद उन्होंने खुद को बदलने की कोशिश नहीं की, और टीम प्रबंधन का उन्हें पूरा समर्थन मिला है।
अनुभव और सीख का मेल
पाटीदार ने स्वीकार किया कि कप्तान के रूप में यह उनके लिए सीखने का एक बड़ा अवसर रहा है। उन्होंने वरिष्ठ खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि आरसीबी का माहौल ही ऐसा है जहां हर खिलाड़ी अपनी प्राकृतिक शैली में खेल सकता है। जब उनसे भारतीय टीम की कप्तानी या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी संभावनाओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे दरकिनार करते हुए केवल आरसीबी की सफलता पर ध्यान केंद्रित किया।
युवा खिलाड़ियों का समर्थन
टीम के युवा खिलाड़ियों के साथ पाटीदार का तालमेल बहुत अच्छा है। वह खुद 2021 के अपने शुरुआती दौर को याद करते हैं, जब सीनियर खिलाड़ियों के बीच घबराहट होना स्वाभाविक था। पाटीदार कहते हैं, ‘मैं हमेशा युवाओं को यही बताता हूं कि वे अपनी काबिलियत पर भरोसा रखें। वे यहां अपनी मेहनत के दम पर आए हैं, इसलिए उन्हें किसी भी नाम से डरने की जरूरत नहीं है।’
रसीख डार का शानदार योगदान
इस सीजन में गेंदबाजी इकाई में रसीख डार का प्रदर्शन पाटीदार के लिए सबसे सुखद आश्चर्य रहा है। यश दयाल की अनुपस्थिति में रसीख ने जिस जिम्मेदारी के साथ गेंदबाजी की है, उससे टीम का संतुलन काफी मजबूत हुआ है। पाटीदार ने कहा, ‘भुवनेश्वर और हेजलवुड जैसे अनुभवी गेंदबाजों के साथ रसीख ने जो समर्थन दिया है, वह सराहनीय है। गेंदबाजी में यह एक सामूहिक प्रयास रहा है, जिससे किसी एक पर काम का बोझ नहीं पड़ा।’
एक नई संस्कृति का उदय
पिछले छह सीजन में पांच बार प्लेऑफ में जगह बनाना आरसीबी की निरंतरता को दर्शाता है। पाटीदार का मानना है कि टीम की सबसे बड़ी ताकत अब ‘जिम्मेदारी’ है। प्रत्येक खिलाड़ी बल्लेबाजी या गेंदबाजी में अपना व्यक्तिगत योगदान देने के लिए उत्सुक रहता है। अब टीम की सोच बदल चुकी है—वे केवल प्लेऑफ में पहुंचने के लिए नहीं, बल्कि फाइनल खेलने और खिताब जीतने के लिए खेलते हैं।
अंत में, पाटीदार की बातें एक ऐसे कप्तान की परिपक्वता को दर्शाती हैं जो अपने खिलाड़ियों को सुरक्षा का अहसास देता है। फाइनल की रात अहमदाबाद में आरसीबी क्या इतिहास दोहरा पाएगी, यह देखना दिलचस्प होगा, लेकिन टीम का नेतृत्व कर रहे रजत पाटीदार पूरी तरह से अपनी धुन में हैं।
