Babar returns while understrength Australia look to 2027 and beyond – पाकिस्तान बनाम ऑस्ट्रेलिया: बाबर आजम की वापसी और कंगारू टीम की नई रणनीति
2027 वर्ल्ड कप की ओर नजरें: पाकिस्तान की वापसी और ऑस्ट्रेलिया की युवा फौज
2027 का वनडे वर्ल्ड कप अभी भले ही 16 महीने दूर है, लेकिन दोनों टीमों के लिए वनडे क्रिकेट के सीमित अवसर अब तेजी से कम हो रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के पास अब से लेकर 2027 तक केवल 15 वनडे मैच बचे हैं, जिनमें से छह मैच पाकिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ अगले दो हफ्तों में खेले जाने हैं। उपमहाद्वीप की कठिन परिस्थितियों में ये मैच टीम संयोजन को परखने का एक सुनहरा मौका हैं।
पाकिस्तान में बाबर आजम की वापसी
पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज गंवाने के बाद कई बदलाव किए हैं। टीम में बाबर आजम, नसीम शाह और शादाब खान की वापसी हुई है। शादाब खान ने 2023 वर्ल्ड कप के बाद से एक भी वनडे नहीं खेला है। इसके अलावा, रोहेल नजीर, अराफत मिन्हास और अहमद दानियाल जैसे नए चेहरों को भी टीम में शामिल किया गया है। गौरतलब है कि मोहम्मद रिजवान को इस टीम से बाहर रखा गया है, जो हालिया समय में टीम के अहम सदस्य रहे थे।
ऑस्ट्रेलिया की प्रयोगधर्मी रणनीति
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया की टीम अपने कई प्रमुख खिलाड़ियों के बिना पाकिस्तान पहुंची है। पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड जैसे खिलाड़ी कार्यभार प्रबंधन के कारण बाहर हैं। मिचेल मार्श की चोट के बाद जोश इंग्लिश टीम की कमान संभाल रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया इस सीरीज के जरिए मैट रेनशॉ और मैट शॉर्ट जैसे खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने का मौका दे रहा है। साथ ही, 19 वर्षीय ओली पीक और ऑलराउंडर लियाम स्कॉट जैसे युवाओं को मौका देकर ऑस्ट्रेलिया भविष्य की नींव रख रहा है। बिली स्टैनलेक की सात साल बाद टीम में वापसी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
खिलाड़ियों पर नजर: बाबर आजम और कैमरून ग्रीन
बाबर आजम के लिए यह सीरीज अपनी खोई हुई लय वापस पाने का बेहतरीन अवसर है। पीएसएल में अपनी शानदार बल्लेबाजी से उन्होंने आलोचकों को करारा जवाब दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या वह इस लय को अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में बरकरार रख पाते हैं। वहीं, कैमरून ग्रीन पर भी सभी की निगाहें होंगी। ऑस्ट्रेलिया उन्हें ग्लेन मैक्सवेल के उत्तराधिकारी के रूप में देख रहा है और उन्हें एक ‘फिनिशर’ की भूमिका में तैयार किया जा रहा है।
पिच और परिस्थितियों का प्रभाव
रावलपिंडी में होने वाले मैचों में गर्मी और ओस (Dew) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। शाम 4:30 बजे शुरू होने वाले मैचों में दूसरी पारी में ओस का प्रभाव काफी ज्यादा हो सकता है, जिससे टॉस की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
मुख्य आंकड़े और तथ्य
- पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी पिछली दो वनडे सीरीज जीती हैं। मेहमान टीम 1998 के बाद से पाकिस्तान में वनडे सीरीज नहीं जीत सकी है।
- बाबर आजम को सईद अनवर का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए केवल एक और वनडे शतक की दरकार है।
- यदि ओली पीक डेब्यू करते हैं, तो वे ऑस्ट्रेलिया के लिए वनडे खेलने वाले चौथे सबसे युवा खिलाड़ी बन जाएंगे।
ऑस्ट्रेलिया के युवा खिलाड़ी लियाम स्कॉट ने अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा के बारे में कहा, “मैं बस इस अनुभव को आत्मसात करने की कोशिश कर रहा हूं। हमारे साथ सीनियर खिलाड़ियों का एक कोर ग्रुप है, जिससे हम जैसे नए खिलाड़ियों को काफी कुछ सीखने को मिल रहा है।” यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या युवा जोश और अनुभवी खिलाड़ियों का तालमेल इस सीरीज को एक यादगार मुकाबले में बदल पाता है या नहीं।
