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Kuldeep: ‘Was expecting more, but I couldn’t deliver this season’ – IPL का सफर

Rohan Mehta · · 1 min read

आईपीएल 2026 में कुलदीप यादव का संघर्ष और वापसी

आईपीएल 2026 का सीजन दिल्ली कैपिटल्स के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। जहां टीम के कई खिलाड़ी अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म को पाने के लिए जूझते रहे, वहीं अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव का नाम भी इस सूची में प्रमुखता से उभरा। सीजन के अंतिम लीग मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट लेने के बाद कुलदीप यादव ने अपने पूरे सीजन के प्रदर्शन पर एक ईमानदार प्रतिक्रिया दी है।

मैच के बाद प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार प्राप्त करते हुए कुलदीप ने कहा, Kuldeep: ‘Was expecting more, but I couldn’t deliver this season’। उन्होंने आगे कहा कि टीम के तौर पर हम टॉप चार में जगह नहीं बना सके, जिससे उन्हें काफी निराशा हुई। व्यक्तिगत रूप से भी उन्हें लगता है कि वे अपनी अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए।

खराब फॉर्म और लय की तलाश

केकेआर के खिलाफ इस मुकाबले से पहले, कुलदीप यादव का प्रदर्शन काफी फीका रहा था। उन्होंने दस पारियों में महज सात विकेट लिए थे, जिसमें उनकी औसत 50.28 और इकॉनमी रेट 10.66 रही थी। टीम के साथी अक्षर पटेल ने भी चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान उनकी कमी महसूस की थी। कुलदीप ने बताया कि खराब प्रदर्शन के बाद उन्होंने अपने घरेलू शहर जाकर अपने कोच के साथ कड़ी मेहनत की। उन्होंने कुछ अभ्यास मैच खेले और उन छोटी-छोटी तकनीकी बारीकियों पर काम किया, जो अक्सर सफेद गेंद के क्रिकेट में नजरअंदाज कर दी जाती हैं।

तकनीकी सुधार और कोच की सलाह

कुलदीप ने अपनी गेंदबाजी में आई कमियों के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि वह ‘ओपन चेस्ट’ होकर गेंदबाजी कर रहे थे, जिससे उनके शरीर की पूरी ताकत गेंद में नहीं लग पा रही थी। उन्होंने स्वीकार किया, ‘मैं बस गेंद को पुश कर रहा था, जबकि टी20 में बल्लेबाजों को गेंद को स्पिन करने और हवा में विविधता लाने से ही परेशान किया जा सकता है।’

उनके कोच ने उन्हें स्पष्ट सलाह दी थी कि उन्हें गेंद को अधिक स्पिन करना चाहिए और बल्लेबाज को छकाने की कोशिश करनी चाहिए। कुलदीप के अनुसार, जब वह अपने शरीर का सही उपयोग करते हैं और गेंद को जोर से स्पिन कराते हैं, तभी उन्हें ड्रिफ्ट और डिप मिलती है, जो उन्हें एक घातक गेंदबाज बनाती है।

केकेआर के खिलाफ शानदार प्रदर्शन

केकेआर के खिलाफ मैच में कुलदीप की रणनीति एकदम स्पष्ट थी। उन्होंने विकेट की धीमी प्रकृति को समझा और अपनी गति में लगातार बदलाव किए। उन्होंने कैमरन ग्रीन, अजिंक्य रहाणे और रिंकू सिंह के विकेट लेकर केकेआर की कमर तोड़ दी। विशेष रूप से रिंकू सिंह का विकेट उनकी योजना का एक सटीक उदाहरण था, जहां उन्होंने गेंद को हवा में धीमा किया और बल्लेबाज को चूकने पर मजबूर कर दिया।

मैच के दौरान एक मौका ऐसा भी आया जब वे हैट्रिक के करीब थे, लेकिन अभिषेक पोरेल द्वारा कैच छोड़े जाने के कारण वह ऐतिहासिक उपलब्धि उनके हाथ से फिसल गई। हालांकि, कुलदीप ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह खेल का हिस्सा है और वह अपनी गेंदबाजी की लय वापस पाकर काफी संतुष्ट हैं।

निष्कर्ष

आईपीएल 2026 का सीजन भले ही उनके लिए व्यक्तिगत रूप से चुनौतीपूर्ण रहा हो, लेकिन सीजन का अंत जिस अंदाज में उन्होंने किया, वह भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए राहत की बात है। कुलदीप यादव का यह अनुभव साबित करता है कि खेल में तकनीक और मानसिक स्पष्टता का कितना महत्व है। उम्मीद है कि आगामी अंतरराष्ट्रीय सत्रों में कुलदीप अपनी इसी नई लय को बरकरार रखेंगे और टीम इंडिया के लिए महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

Rohan Mehta
Rohan Mehta

Rohan Mehta combines a scout’s eye for talent with a fan’s pure passion for the game. As a featured columnist for getcricket.co, he spends his days tracking delivery speeds and his nights debating the finer points of the "Spirit of Cricket." From the dusty pitches of local circuits to the floodlights of world-class stadiums, Adrian is dedicated to delivering the "why" behind the scoreboard. When he isn't crunching numbers or interviewing players, you’ll likely find him arguing that Test cricket is still the ultimate format of the sport.