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IPL 2026: क्या भुवनेश्वर कुमार की फॉर्म टीम इंडिया के चयनकर्ताओं की नींद उड़ा देगी?

Adrian Malhotra · · 1 min read

भुवनेश्वर कुमार का पुनरुत्थान: उम्र को मात देती एक बेमिसाल फॉर्म

क्रिकेट की दुनिया में अक्सर यह माना जाता है कि जब एक तेज गेंदबाज 33 या 34 वर्ष की आयु पार कर लेता है, तो उसका करियर ढलान की ओर बढ़ने लगता है। विशेषज्ञ ‘भविष्य की योजना’ और ‘युवा विकल्पों’ की बात करने लगते हैं। भुवनेश्वर कुमार के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था। चोटों की लंबी सूची और गिरती रफ्तार ने कई लोगों को यह विश्वास दिला दिया था कि उनके सर्वश्रेष्ठ दिन अब पीछे छूट चुके हैं।

लेकिन जैसा कि कहा जाता है, ‘क्लास इज परमानेंट’। 36 साल की उम्र में भुवनेश्वर कुमार ने इस आईपीएल सीजन में जो कर दिखाया है, वह किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने खामोशी से अपने प्रदर्शन के जरिए हर सवाल का जवाब दिया है। जहां आधुनिक क्रिकेट में युवा गेंदबाज केवल गति (Pace) पर भरोसा करते हैं, वहीं भुवी ने साबित किया है कि अगर आपके पास चतुराई, नियंत्रण और मूवमेंट है, तो आप आज भी खेल के सबसे छोटे प्रारूप में राज कर सकते हैं।

Bhuvneshwar Kumar. (Credits: X.com)

आईपीएल 2026 के आंकड़े: पर्पल कैप की रेस में सबसे आगे

इस आईपीएल सीजन में भुवनेश्वर कुमार का दबदबा देखते ही बनता है। उन्होंने अब तक कुल 24 विकेट चटकाए हैं, जो इस सीजन में किसी भी गेंदबाज द्वारा लिए गए सबसे ज्यादा विकेट हैं। यह आंकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस साल की पिचें बल्लेबाजों के लिए काफी मददगार रही हैं, जहां बड़े-बड़े स्कोर बन रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में भी भुवी ने अपनी इकॉनमी को नियंत्रित रखा है और महत्वपूर्ण मौकों पर टीम को सफलता दिलाई है।

उनकी गेंदबाजी में वह पुरानी धार फिर से दिखाई दे रही है, जहां वह गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की क्षमता रखते हैं। विशेष रूप से डेथ ओवरों में उनकी यॉर्कर और धीमी गति की गेंदों ने बल्लेबाजों को काफी परेशान किया है।

आरसीबी बनाम पंजाब किंग्स: दबाव में निखरा भुवी का अनुभव

हाल ही में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) ने पंजाब किंग्स (PBKS) को 23 रनों से हराकर प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई किया। इस जीत में भुवनेश्वर कुमार की भूमिका अहम रही। उन्होंने अपने 4 ओवर के कोटे में 38 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट लिए। मैच के बाद अपने प्रदर्शन पर बात करते हुए भुवी ने कहा, “मैं एक अच्छी लय में था। पिछले मैचों में विकेट मिलने से आपका आत्मविश्वास हमेशा बढ़ता है। यह उन मैदानों में से एक है जहां शुरुआत में गेंद कुछ हरकत करती है और यदि आप इसका अधिकतम लाभ उठा सकते हैं, तो किसी भी टीम के लिए लक्ष्य का पीछा करना या बड़ा स्कोर बनाना मुश्किल हो जाता है।”

साल भर की मेहनत का परिणाम

जब भुवनेश्वर से उनकी सटीक यॉर्कर और निरंतरता के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने एक बहुत ही पेशेवर जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सफलता रातों-रात नहीं मिलती। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह मैच से ठीक पहले अभ्यास करने के बारे में नहीं है, बल्कि मैं पूरे साल जो करता हूं उससे फर्क पड़ता है। जब आप आईपीएल जैसे सेटअप में आते हैं और विश्व स्तरीय बल्लेबाजों को गेंदबाजी करते हैं और उन्हें आउट करते हैं, तो इससे आपको आत्मविश्वास मिलता है। यह केवल टूर्नामेंट शुरू होने पर अभ्यास करने के बारे में नहीं है, बल्कि यह आपकी साल भर की प्रक्रिया का हिस्सा है।”

चयनकर्ताओं के लिए बड़ी दुविधा

भुवनेश्वर कुमार का यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब टीम इंडिया अपने तेज गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। हालांकि टीम में अर्शदीप सिंह और मोहम्मद सिराज जैसे युवा नाम मौजूद हैं, लेकिन भुवी का अनुभव और नई गेंद के साथ उनकी काबिलियत किसी भी कप्तान के लिए एक बड़ा हथियार हो सकती है।

  • कौशल बनाम गति: क्या चयनकर्ता केवल 140+ की गति वाले युवाओं को मौका देंगे या भुवी जैसे कुशल स्विंग गेंदबाज को?
  • अनुभव की अहमियत: बड़े टूर्नामेंटों में दबाव झेलने के लिए भुवी जैसे अनुभवी खिलाड़ी की जरूरत महसूस हो सकती है।
  • फिटनेस: 36 की उम्र में 14-15 मैच लगातार खेलना उनकी फिटनेस का प्रमाण है।

अंत में, भुवनेश्वर कुमार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अभी भी रेस से बाहर नहीं हुए हैं। आईपीएल 2026 में उनकी यह फॉर्म टीम इंडिया के चयनकर्ताओं को मजबूर कर रही है कि वे उनके नाम पर एक बार फिर गंभीरता से विचार करें। यदि वह इसी तरह प्रदर्शन करना जारी रखते हैं, तो नीली जर्सी में उनकी वापसी को टालना मुश्किल होगा।

Adrian Malhotra
Adrian Malhotra

Adrian Malhotra is a senior tactical analyst and field reporter for getcricket.co. With over a decade of experience covering everything from the high-stakes IPL to the prestige of the ICC World Cup, Adrian specializes in breaking down complex match statistics into compelling human stories. Known for his deep understanding of the game’s nuances, his work provides readers with a strategic look at the sport beyond the boundary rope.