Auqib Nabi का बाहर होना: अफगानिस्तान टेस्ट टीम चयन पर फैंस का फूटा गुस्सा
भारतीय टीम चयन पर उठे सवाल: आकिब नबी की अनदेखी क्यों?
हाल ही में भारतीय टेस्ट टीम की घोषणा के बाद क्रिकेट जगत में एक नई बहस छिड़ गई है। अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी एक टेस्ट मैच के लिए चुनी गई टीम में कुछ ऐसे नाम नदारद हैं, जिनकी उम्मीद फैंस को बेसब्री से थी। इसमें सबसे प्रमुख नाम है—आकिब नबी।
आकिब नबी ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 सीजन में अपनी शानदार गेंदबाजी से सबको प्रभावित किया है। आधुनिक क्रिकेट में जहां अक्सर बल्लेबाजों का बोलबाला रहता है, वहां आकिब नबी जैसे तेज गेंदबाज का उभरना भारतीय क्रिकेट के लिए एक सुखद संकेत माना जा रहा था। प्रशंसकों को उम्मीद थी कि इस शानदार फॉर्म के बाद उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट टीम में निश्चित रूप से मौका मिलेगा, लेकिन चयन समिति के फैसले ने सबको चौंका दिया है।
अजित अगरकर की चयन समिति का स्टैंड
टीम चयन की घोषणा करते हुए मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया में युवा और संतुलित टीम को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने मोहम्मद शमी और आकिब नबी जैसे नामों पर चल रही चर्चाओं पर भी बात की। अगरकर ने कहा, ‘हमें बताया गया है कि मोहम्मद शमी अभी केवल टी20 क्रिकेट के लिए तैयार हैं, इसलिए उन पर कोई चर्चा नहीं हुई। आकिब नबी को लेकर जरूर बातचीत हुई थी।’ हालांकि, अंततः उन्हें टीम में जगह नहीं दी गई।
प्रशंसकों का सोशल मीडिया पर उबाल
आकिब नबी को नजरअंदाज किए जाने के बाद से ही सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा साफ दिख रहा है। ट्विटर और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर ‘जस्टिस फॉर आकिब नबी’ हैशटैग ट्रेंड कर रहा है। एक क्रिकेट प्रेमी ने लिखा, ‘आप आकिब नबी के लिए बुरा महसूस करते हैं। 18.37 की औसत से 156 प्रथम श्रेणी विकेट लेना कोई साधारण बात नहीं है, यह आंकड़े वाकई अविश्वसनीय हैं। उन्हें जगह मिलनी ही चाहिए थी।’
अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टेस्ट टीम
चयन समिति ने इस बार अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ युवाओं पर भरोसा जताया है। टीम में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज जैसे दिग्गज गेंदबाज उपलब्ध नहीं हैं। टीम की कमान शुभमन गिल संभालेंगे।
- कप्तान: शुभमन गिल
- उप-कप्तान: केएल राहुल
- अन्य खिलाड़ी: यशस्वी जयसवाल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत, देवदत्त पडिक्कल, नितीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मानव सुथार, हर्ष दुबे, ध्रुव जुरेल।
क्या है अगला कदम?
प्रसिद्ध कृष्णा को मुख्य तेज गेंदबाज के रूप में देखा जा रहा है, जबकि स्पिन और ऑलराउंडर विभाग में विविधता लाने का प्रयास किया गया है। हालांकि, आकिब नबी जैसे उभरते हुए तेज गेंदबाज को बाहर रखना भविष्य की योजनाओं पर सवाल खड़े करता है। क्या चयन समिति घरेलू स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर दे रही है? यह सवाल अब क्रिकेट पंडितों और प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
आकिब नबी के प्रदर्शन के आंकड़े उनके पक्ष में बोलते हैं, और फैंस का यह मानना है कि उन्हें राष्ट्रीय टीम में अपनी योग्यता साबित करने का मौका मिलना चाहिए था। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या चयनकर्ता भविष्य की सीरीज में उनकी अनदेखी को सही साबित कर पाते हैं या फिर फैंस की नाराजगी के बाद उन्हें टीम में वापस शामिल किया जाता है।
