Aitchison caps allround masterclass as Derbyshire rout Lancashire: डर्बीशायर की धमाकेदार जीत
डर्बीशायर की ऐतिहासिक और एकतरफा जीत
चेस्टरफील्ड के क्वींस पार्क में खेले गए रोथसे काउंटी चैम्पियनशिप मैच के तीसरे दिन डर्बीशायर ने लैंकाशायर पर बेहद आसान और व्यापक जीत दर्ज की। खेल के तीसरे दिन स्टार ऑलराउंडर बेन एचिसन ने गेंद से तबाही मचाते हुए पांच विकेट हासिल किए। इस बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन की बदौलत डर्बीशायर ने लैंकाशायर को दूसरी पारी में 226 रनों पर समेट दिया और जीत के लिए मिले 24 रनों के मामूली लक्ष्य को केवल 9 ओवरों में हासिल कर लिया।
डर्बीशायर की डिविजन टू में यह इस सीजन की तीसरी जीत है, जबकि लैंकाशायर के लिए यह सत्र बेहद निराशाजनक रहा है और यह उनकी चौथी हार है। इस मैच में डर्बीशायर ने पहली पारी में 364 रन बनाए थे, जिसके जवाब में लैंकाशायर की पहली पारी महज 161 रनों पर सिमट गई थी। दूसरी पारी में भी लैंकाशायर के बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए और पूरी टीम 226 रनों पर ढेर हो गई।
बेन एचिसन का ऑलराउंडर शो और माइकल होल्डिंग के रिकॉर्ड की बराबरी
इस मुकाबले के असली हीरो बेन एचिसन रहे। मैच के दूसरे दिन बल्ले से 75 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेलने वाले एचिसन ने तीसरे दिन अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवाया। उन्होंने सिर्फ 49 रन देकर 5 विकेट चटकाए और लैंकाशायर के बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ तोड़ दी।
इस पांच विकेट हॉल के साथ ही बेन एचिसन ने डर्बीशायर के इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया है। वह लगातार तीन प्रथम श्रेणी मैचों की एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने वाले डर्बीशायर के पहले गेंदबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह अद्भुत कारनामा वेस्टइंडीज के महान तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग ने साल 1983 में किया था। एचिसन ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल कर अपनी टीम को एक यादगार जीत की दहलीज पर खड़ा किया।
मैच का रोमांच और महत्वपूर्ण विकेट
मैच के तीसरे दिन लैंकाशायर की उम्मीदें पूरी तरह से मार्कस हैरिस पर टिकी हुई थीं, जो कल के स्कोर में केवल एक रन और जोड़कर बेन एचिसन का चौथा शिकार बने। हैरिस ने एचिसन की गेंद पर ड्राइव करने का प्रयास किया, लेकिन गेंद उनके बल्ले का अंदरूनी किनारा लेती हुई सीधे स्टंप्स में जा घुसी। इस विकेट के गिरते ही डर्बीशायर के खेमे में जश्न का माहौल बन गया, और मैदान के चारों ओर चलने वाली प्रसिद्ध मिनिएचर ट्रेन ‘पफिन बिली’ की सीटी की आवाज से पूरा स्टेडियम गूंज उठा।
इसके तुरंत बाद एचिसन ने अपने अगले ओवर में जॉर्ज बाल्डरसन को स्लिप में कैलेब ज्वेल के हाथों कैच कराकर अपना पांचवां विकेट पूरा किया। इस समय ऐसा लग रहा था कि लैंकाशायर की टीम पारी की हार से नहीं बच पाएगी, लेकिन निचले क्रम के बल्लेबाजों ने संघर्ष की नई कहानी लिखी।
17 वर्षीय जो मूर का साहसी अर्धशतक
लैंकाशायर के लिए इस करारी हार के बीच एकमात्र सकारात्मक पहलू उनके 17 वर्षीय युवा विकेटकीपर बल्लेबाज जो मूर का प्रदर्शन रहा। मूर ने अपने प्रथम श्रेणी करियर का पहला अर्धशतक जमाया और बेहद आक्रामक बल्लेबाजी की। उन्होंने अपनी 57 रनों की पारी में चार गगनचुंबी छक्के लगाए और टीम को पारी की हार से बचाया।
मूर ने तेज गेंदबाज रोरी हेडन के ओवर में लगातार बाउंड्रीज बटोरीं और फिर पॉल कफलिन के साथ मिलकर कुछ महत्वपूर्ण रन जोड़े। हालांकि, कफलिन अनुज दल की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में मिड-ऑफ पर कैच दे बैठे। मूर की शानदार पारी का अंत तब हुआ जब वह मैट मोंटगोमरी की गेंद पर रिवर्स स्वीप करने के प्रयास में बोल्ड हो गए।
विजेता डर्बीशायर को मिले 22 अंक
लैंकाशायर के 226 रनों पर ऑलआउट होने के बाद डर्बीशायर को जीत के लिए सिर्फ 24 रनों की आवश्यकता थी। हालांकि डर्बीशायर ने ओपनर हैरी कैम का विकेट बाल्डरसन की दूसरी ही गेंद पर खो दिया, लेकिन लुइस रीस ने विजयी शॉट खेलकर टीम को 9 विकेट से शानदार जीत दिला दी। इस जीत से डर्बीशायर को पूरे 22 अंक मिले, जबकि मुकाबले में पूरी तरह से पिछड़ने वाली लैंकाशायर को केवल 3 अंकों से संतोष करना पड़ा।
