टी20 सीरीज: Shanaka, Mishara fifties set up series-levelling win for Sri Lanka
किंग्स्टन, जमैका के सबीना पार्क में खेले गए एक रोमांचक मुकाबले में, श्रीलंका ने वेस्टइंडीज को 37 रनों से हराकर तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली। यह जीत दासुन शनाका और कामिल मिशारा के शानदार बल्लेबाजी प्रदर्शन का परिणाम थी, जिन्होंने अपनी टीम को 194 रनों के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। इसके बाद श्रीलंकाई गेंदबाजों, विशेषकर स्पिनरों ने अपना कमाल दिखाया और वेस्टइंडीज को लक्ष्य से काफी दूर रोक दिया। इस जीत के साथ, Shanaka, Mishara fifties set up series-levelling win for Sri Lanka, और अब रविवार रात को होने वाला अंतिम मैच सीरीज का निर्णायक होगा।
शनाका और मिशारा की रिकॉर्ड तोड़ साझेदारी
एक समय श्रीलंका संघर्ष कर रहा था। 13वें ओवर में 88 रनों पर चार विकेट गंवाने के बाद, टीम गहरे संकट में दिख रही थी। तभी कप्तान दासुन शनाका ने क्रीज पर कामिल मिशारा का साथ दिया और दोनों ने मिलकर पारी को संभाला। इस जोड़ी ने केवल 42 गेंदों पर 103 रनों की अविश्वसनीय साझेदारी करके मैच का रुख पूरी तरह से बदल दिया। इस दौरान, उन्होंने मिलकर सात छक्के और नौ चौके लगाए, जिससे श्रीलंका का स्कोर छह विकेट पर 194 रन तक पहुंच गया, जो वेस्टइंडीज के लिए एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य था। यह साझेदारी न केवल टीम को मुश्किल से निकाला, बल्कि उन्हें एक मजबूत स्थिति में भी पहुंचाया।
दासुन शनाका का विस्फोटक अर्धशतक
जब दासुन शनाका बल्लेबाजी करने आए, तो टीम पर दबाव था, लेकिन उन्होंने आते ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने रॉस्टन चेज़ की ऑफस्पिन गेंद को सबीना पार्क स्टेडियम की छत पर पहुंचाकर अपनी इरादे साफ कर दिए। अगली ही गेंद पर उन्होंने एक चौका लगाया और फिर एक और छक्का जड़कर अपनी तूफानी पारी का आगाज किया। ये तीनों बाउंड्री डीप मिडविकेट के क्षेत्र में आईं, जिससे वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बन गया। शनाका ने एक शानदार छक्का सीधा डाउन द ग्राउंड भी मारा और एक गेंद को फाइन लेग के ऊपर से हुक किया, जिससे वह सिर्फ 19 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर सके। यह टी20 अंतरराष्ट्रीय में श्रीलंकाई पुरुष खिलाड़ी द्वारा बनाए गए सबसे तेज अर्धशतक के उनके अपने रिकॉर्ड की बराबरी थी। उनकी 24 गेंदों में 58 रनों की पारी में पांच चौके भी शामिल थे, जिनमें स्प्रिंगर की गेंद पर एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से लगाया गया चौका सबसे यादगार था। उनकी इस पारी ने टीम को एक नई ऊर्जा दी और बड़े स्कोर की नींव रखी।
कामिल मिशारा का धैर्यपूर्ण और आक्रामक प्रदर्शन
कामिल मिशारा पांचवें ओवर में बल्लेबाजी करने आए थे और अंत तक नाबाद रहे। जब उनके चारों ओर विकेट गिर रहे थे, तब उन्हें अपनी पारी शुरू करने में थोड़ा समय लगा। उन्होंने अपनी पहली बाउंड्री 16वीं गेंद पर हासिल की। 15 ओवरों के बाद, वह 23 गेंदों पर 22 रन बनाकर धीमे लग रहे थे, लेकिन शनाका के साथ जुड़ने के बाद उन्होंने भी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने पारी के अंत में कुछ बड़े शॉट लगाए। मैथ्यू फोर्डे की गेंदबाजी उन्हें विशेष रूप से पसंद आई, जिस पर उन्होंने 17वें ओवर में दो बार डाउन द ग्राउंड पर शानदार शॉट लगाए। मिशारा ने 40 गेंदों पर नाबाद 61 रन बनाकर अपनी टीम को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। उनकी यह पारी धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण थी, जिसने टीम के कुल योग में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वेस्टइंडीज की पारी: हेटमायर और पॉवेल का संघर्ष
195 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए, वेस्टइंडीज ने शुरुआती 10 गेंदों में ही दो विकेट गंवा दिए थे, जिससे उनका स्कोर 9 पर 2 हो गया। हालांकि, शिमरोन हेटमायर और रोवमैन पॉवेल ने जल्द ही पारी को संभाला। उन्होंने पावरप्ले के दौरान समझदारी से बाउंड्री लगाई और मध्य ओवरों में स्कोरिंग दर बढ़ाने की कोशिश की। ऐसा लग रहा था कि वे मेजबान टीम को सीरीज जीतने की राह पर ले जा रहे थे, जब उन्होंने महेश थीक्षाना के आठवें ओवर से 18 रन और वानिंदु हसरंगा के अगले ओवर से 11 रन बटोरे। धीमी और स्पिन सहायक पिच पर उन्हें कुछ करीबी कॉल का सामना भी करना पड़ा, खासकर हेटमायर को, जिन्हें थीक्षाना ने नौवें ओवर में बोल्ड कर दिया था, लेकिन वह गेंद नो-बॉल निकली और उन्हें जीवनदान मिला। इस साझेदारी ने वेस्टइंडीज को खेल में बनाए रखा और उनकी जीत की उम्मीदों को जीवित रखा।
श्रीलंकाई स्पिनरों का मध्य ओवरों में दबदबा
हेटमायर और पॉवेल की साझेदारी को तोड़ने के लिए पावन रत्ननायके का रन आउट महत्वपूर्ण साबित हुआ। इस घटना ने वेस्टइंडीज के लिए एक टर्निंग पॉइंट का काम किया। इसके बाद, श्रीलंकाई स्पिनरों ने पूरी तरह से मैच पर अपनी पकड़ बना ली। महेश थीक्षाना ने 10वें ओवर में पॉवेल को कैच आउट करवाया, जिससे वेस्टइंडीज की बड़ी साझेदारी टूट गई। फिर वानिंदु हसरंगा ने 13वें ओवर में दो गेंदों पर दो विकेट लेकर शेरफेन रदरफोर्ड और रोमारियो शेफर्ड को पवेलियन भेजा। उनकी खतरनाक गुगली एक बार फिर सफल साबित हुई। दुनिथ वेल्लालागे और दुष्मंथा चमीरा, जिन्होंने नई गेंद से भी विकेट लिए थे, ने भी विकेटों का सिलसिला जारी रखा। 16वें ओवर तक आते-आते, वेस्टइंडीज ने अपने आठ विकेट गंवा दिए थे और आवश्यक रन रेट 15 के करीब पहुंच गया था। हसरंगा और चमीरा ने वेस्टइंडीज की पारी का समापन किया, दोनों ने तीन-तीन विकेट हासिल किए। दुष्मंथा चमीरा ने अपनी शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए 9 रन देकर तीन विकेट लिए, जिसमें शुरुआती और अंतिम ओवरों में उनकी प्रभावशीलता स्पष्ट थी। वेस्टइंडीज की पूरी टीम 157 रन बनाकर ऑल आउट हो गई, जिससे श्रीलंका ने 37 रनों से शानदार जीत दर्ज की।
इस जीत से श्रीलंका ने सीरीज में अपनी वापसी सुनिश्चित की है और अब दोनों टीमें अंतिम मुकाबले में जीत हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक देंगी। इस प्रदर्शन ने दिखाया कि श्रीलंकाई टीम दबाव में भी कैसे शानदार प्रदर्शन कर सकती है, खासकर जब उनके प्रमुख बल्लेबाज और गेंदबाज अपनी लय में हों।
