Jordan Cox celebrates Test call-up with unbeaten 184 के साथ चमके
शानदार फॉर्म में जॉर्डन कॉक्स
इंग्लैंड की टेस्ट टीम में बुलावा आने के बाद जॉर्डन कॉक्स ने अपने आलोचकों को बल्ला थामकर करारा जवाब दिया है। 25 वर्षीय इस विकेटकीपर-बल्लेबाज ने लीसेस्टरशायर के खिलाफ एसेक्स की ओर से खेलते हुए नाबाद 184 रनों की शानदार पारी खेली। यह प्रदर्शन तब आया है जब उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के लिए इंग्लैंड की 15-सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है।
मैच का रोमांचक मोड़
लीसेस्टरशायर के अप्टनस्टील ग्रेस रोड पर खेले जा रहे इस मैच में शुरुआती बाधाओं के बावजूद एसेक्स ने खेल पर अपना दबदबा बनाए रखा। बारिश के कारण पहले सत्र का खेल बाधित हुआ और गीली आउटफील्ड के चलते मैच देरी से शुरू हुआ। एसेक्स की शुरुआत खराब रही और टीम केवल 8 रनों पर अपने दो विकेट गंवा चुकी थी। हालांकि, कॉक्स ने अपनी पारी के दौरान संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया।
बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन
कॉक्स ने अपने पहले 100 रन केवल 73 गेंदों में पूरे किए। इस दौरान उन्होंने 14 चौके और दो छक्के जड़े। उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी करियर का 12वां शतक पूरा किया और इसी पारी के साथ उन्होंने अपने करियर के 4000 प्रथम श्रेणी रन भी पूरे कर लिए हैं। उनकी इस पारी ने यह साबित कर दिया है कि लंबे समय से टेस्ट पदार्पण की प्रतीक्षा कर रहे इस खिलाड़ी की लय पर कोई असर नहीं पड़ा है।
टीम का प्रदर्शन और साझेदारी
कॉक्स को कप्तान टॉम वेस्टली का भरपूर साथ मिला। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 147 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। वेस्टली ने 41 रनों का योगदान दिया, जिसके बाद मैट क्रिचली ने मोर्चा संभाला। क्रिचली और कॉक्स के बीच 183 रनों की एक और शानदार साझेदारी बनी। क्रिचली अपने शतक से केवल 3 रन दूर थे, लेकिन वह 97 रनों पर जोई एविसन की गेंद पर बोल्ड हो गए। दिन के अंत तक एसेक्स ने 75 ओवर में 342 रन बनाकर 5 विकेट खो दिए थे।
गेंदबाजों की संघर्षपूर्ण स्थिति
लीसेस्टरशायर के गेंदबाजों के लिए यह दिन चुनौतीपूर्ण रहा। हालांकि उन्होंने शुरुआती ओवरों में बेन ग्रीन के माध्यम से सफलता जरूर हासिल की, लेकिन बाद में वे कॉक्स और क्रिचली को रोकने में पूरी तरह विफल रहे। लीसेस्टरशायर के खिलाड़ियों ने कैच छोड़ने जैसी गलतियां भी कीं, जिसका फायदा उठाकर कॉक्स ने अपनी पारी को बड़ी ऊंचाइयों तक पहुंचाया। कॉक्स को 146 के स्कोर पर एक जीवनदान भी मिला, जिसका उन्होंने पूरा लाभ उठाया।
भविष्य की संभावनाएं
जॉर्डन कॉक्स के लिए यह पारी बहुत मायने रखती है। चोटों के कारण दो बार टेस्ट टीम के करीब आकर बाहर होने वाले कॉक्स अब इंग्लैंड के लिए टेस्ट डेब्यू करने की दहलीज पर हैं। आईपीएल में खेलने के बावजूद उन्हें लाल गेंद के क्रिकेट का पर्याप्त अभ्यास नहीं मिला था, लेकिन इस पारी ने उनकी तकनीक और मानसिक मजबूती को फिर से सिद्ध कर दिया है। एसेक्स का स्कोर अब एक मजबूत स्थिति में है और टीम इस बढ़त को और अधिक बढ़ाने का प्रयास करेगी।
निष्कर्ष
काउंटी चैंपियनशिप का यह मुकाबला न केवल एसेक्स के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि जॉर्डन कॉक्स के व्यक्तिगत करियर के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। इंग्लैंड की टीम में उनका चयन और उसके बाद यह प्रदर्शन निश्चित रूप से उनके आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर ले जाएगा। आने वाले टेस्ट मैचों में कॉक्स का बल्ला किस तरह चलता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
