Lawrence’s latest hundred not enough for Surrey win – or England call-up
द ओवल में डैन लॉरेंस का धमाका
काउंटी चैंपियनशिप के एक रोमांचक मुकाबले में सरे के बल्लेबाज डैन लॉरेंस ने अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है। हैम्पशायर के खिलाफ द किया ओवल में खेले गए इस मैच में लॉरेंस ने पहले पारी में 218 रनों की विशाल पारी खेली और फिर दूसरी पारी में महज 64 गेंदों में 101 रन जड़ दिए। यह प्रदर्शन किसी भी खिलाड़ी के लिए सपने जैसा होता है, लेकिन विडंबना यह रही कि Lawrence’s latest hundred not enough for Surrey win – or England call-up का हिस्सा बना।
रिकॉर्ड्स की झड़ी
लॉरेंस की यह उपलब्धि ऐतिहासिक रही। वे काउंटी चैंपियनशिप के इतिहास में केवल दूसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने एक ही मैच में दोहरा शतक और शतक दोनों ही एक से अधिक की स्ट्राइक रेट (रन-ए-बॉल) से बनाए हैं। उनसे पहले 1990 में ग्रेम हिक ने यह कारनामा किया था। सरे के लिए भी वे मार्क रामप्रकाश और स्कॉट न्यूमैन के बाद तीसरे ऐसे बल्लेबाज बने जिन्होंने एक ही प्रथम श्रेणी मैच में दोहरा शतक और शतक जड़ा हो।
मैच का परिदृश्य और मौसम की मार
मैच पर खराब मौसम का काफी असर रहा, जिसके कारण पहले तीन दिनों में कुल 92 ओवर का खेल बर्बाद हो गया। सरे ने अंतिम दिन की शुरुआत 145 रनों की बढ़त के साथ की थी। डैन लॉरेंस और डोम सिबली (नाबाद 105) की शानदार बल्लेबाजी के दम पर सरे ने लंच तक 259/5 पर पारी घोषित की। इससे हैम्पशायर को जीत के लिए 64 ओवर में 348 रनों का लक्ष्य मिला।
हैम्पशायर का बचाव
हैम्पशायर की टीम ने दूसरी पारी में संभलकर बल्लेबाजी की। हालांकि रीस टोपली ने 19 के स्कोर पर दो विकेट जल्दी चटकाकर सरे को उम्मीद दी थी, लेकिन अली ओर (नाबाद 53) और जेक लेहमैन (नाबाद 26) ने 34 ओवर तक टिककर बल्लेबाजी की। अंततः चाय के बाद और मैच के आखिरी घंटों में हैम्पशायर ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली और मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
इंग्लैंड चयन पर सवाल
इस शानदार शतक के बावजूद, लॉरेंस के लिए सबसे बड़ा झटका तब लगा जब न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट के लिए इंग्लैंड की 15 सदस्यीय टीम की घोषणा हुई। लॉरेंस को टीम में जगह नहीं मिली और चयनकर्ताओं ने जॉर्डन कॉक्स को अतिरिक्त बल्लेबाज के रूप में प्राथमिकता दी। यह निर्णय क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि लॉरेंस वर्तमान में बेहतरीन फॉर्म में हैं।
लॉरेंस की आक्रामक बल्लेबाजी
दूसरी पारी में लॉरेंस ने हैम्पशायर के गेंदबाजों के खिलाफ कहर बरपाया। उन्होंने अपनी पारी में 7 चौके और 5 छक्के लगाए। उन्होंने केवल 35 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उनकी बल्लेबाजी का सबसे अद्भुत पल वह था जब उन्होंने जेम्स फुलर की ऑफ स्टंप से काफी बाहर की गेंद को घुटने के बल बैठकर सीधे डीप स्क्वायर लेग की ओर छक्के के लिए भेज दिया।
निष्कर्ष
यह मैच सरे के लिए जीत के लिहाज से भले ही निराशाजनक रहा हो, लेकिन डैन लॉरेंस ने अपनी क्लास साबित कर दी है। सरे ने लंच से पहले 32 ओवरों में 202 रन जोड़कर हैम्पशायर पर दबाव बनाने की पूरी कोशिश की थी। डोम सिबली ने भी अंत में शानदार शॉट खेलते हुए अपना शतक पूरा किया, लेकिन दिन के अंत तक हैम्पशायर ने हार टाल दी। अब देखना यह है कि लॉरेंस का यह प्रदर्शन उन्हें भविष्य में राष्ट्रीय टीम में वापसी का मौका दिला पाता है या नहीं।
