Bransgrove severs final ties with Hampshire as GMR complete acquisition
हैम्पशायर क्रिकेट के एक युग का समापन
क्रिकेट जगत में एक बड़े बदलाव के तहत, Bransgrove severs final ties with Hampshire as GMR complete acquisition की प्रक्रिया पूरी हो गई है। रॉड ब्रान्सग्रोव, जिन्होंने एक समय दिवालिया होने की कगार पर खड़े हैम्पशायर क्लब को बचाया था और करीब 24 वर्षों तक इसके अध्यक्ष के रूप में सेवा की, अब अपने अंतिम प्रशासनिक दायित्वों से मुक्त हो गए हैं। यह परिवर्तन जीएमआर ग्रुप द्वारा क्लब और उसकी होल्डिंग्स के पूर्ण अधिग्रहण के बाद आया है, जिसमें यूटिलिटा बाउल स्टेडियम भी शामिल है।
रॉड ब्रान्सग्रोव का अतुलनीय योगदान
75 वर्षीय रॉड ब्रान्सग्रोव ने हैम्पशायर क्रिकेट में लगभग 15 मिलियन पाउंड का निवेश किया था। उनका सबसे बड़ा योगदान वर्ष 2000 में देखा गया, जब उन्होंने क्लब को नॉर्थलैंड्स रोड के 116 साल पुराने ऐतिहासिक मैदान से हटाकर आधुनिक सुविधाओं वाले नए स्थान पर स्थानांतरित किया। उन्होंने न केवल क्लब का नेतृत्व किया, बल्कि इसे एक विश्व-स्तरीय खेल और मनोरंजन केंद्र के रूप में स्थापित किया।
जीएमआर ग्रुप का पूर्ण नियंत्रण
2023 में हैम्पशायर के अध्यक्ष पद से हटने के बावजूद, ब्रान्सग्रोव ने हैम्पशायर स्पोर्ट एंड लीजर होल्डिंग्स लिमिटेड के समूह अध्यक्ष और बहुसंख्यक शेयरधारक के रूप में अपनी भूमिका जारी रखी थी। 2024 में उन्होंने जीएमआर ग्रुप के साथ एक ऐतिहासिक सौदे की मध्यस्थता की, जो आईपीएल की दिल्ली कैपिटल्स के सह-मालिक भी हैं। इसके बाद 2025 में, जीएमआर ग्रुप ने ईसीबी की इक्विटी बिक्री में ‘सदर्न ब्रेव’ (हंड्रेड फ्रेंचाइजी) का मूल्यांकन 98 मिलियन पाउंड में किया।
नेतृत्व में नया परिवर्तन
1 जून, 2026 से प्रभावी, जीएमआर स्पोर्ट्स के अध्यक्ष किरण कुमार गांधी ने ब्रान्सग्रोव से समूह अध्यक्ष का कार्यभार संभाल लिया है। किरण कुमार गांधी को जीएमआर के खेल क्षेत्र में प्रवेश का मुख्य सूत्रधार माना जाता है, जिन्होंने आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। क्लब द्वारा जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में उनकी प्रशंसा करते हुए उन्हें खेल प्रबंधन में अनुभवी नेतृत्वकर्ता बताया गया है।
भविष्य की ओर एक कदम
हालांकि ब्रान्सग्रोव ने आधिकारिक प्रशासनिक भूमिकाओं से दूरी बना ली है, लेकिन वे पूरी तरह से क्लब से अलग नहीं हो रहे हैं। उन्हें ‘ऑनरेरी लाइफ प्रेसिडेंट’ के रूप में नियुक्त किया गया है और वे अगले तीन वर्षों तक बोर्ड में एक निदेशक और सलाहकार के रूप में बने रहेंगे।
ब्रान्सग्रोव ने अपने विदाई संदेश में कहा, “यह क्षण एक ऐसे अध्याय को समाप्त करता है जिसका मेरे जीवन में शब्दों से परे महत्व है। हमने हैम्पशायर में जो कुछ भी बनाया है, वह सामूहिक प्रयासों, वफादार समर्थकों और उन भागीदारों का परिणाम है जिन्होंने हमारे साझा विजन पर विश्वास किया। मुझे पूरा भरोसा है कि जीएमआर के पूर्ण स्वामित्व में क्लब और हमारा स्टेडियम सुरक्षित हाथों में है।”
निष्कर्ष
किरण कुमार गांधी ने ब्रान्सग्रोव के असाधारण नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शिता ने न केवल हैम्पशायर क्रिकेट को बदला, बल्कि एक ऐसी संस्कृति का निर्माण किया जो लचीलेपन और समुदाय पर आधारित है। जीएमआर ग्रुप के तहत हैम्पशायर क्रिकेट अब एक नए भविष्य की ओर देख रहा है, जिसमें ब्रान्सग्रोव की विरासत एक मजबूत नींव के रूप में कायम रहेगी। क्रिकेट प्रेमी अब यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि जीएमआर के वैश्विक अनुभव के साथ हैम्पशायर का यह क्लब आने वाले वर्षों में कौन सी नई ऊंचाइयां छूता है।
यह परिवर्तन न केवल एक प्रशासनिक फेरबदल है, बल्कि आधुनिक क्रिकेट व्यवसाय में विदेशी निवेश और वैश्विक प्रबंधन के बढ़ते प्रभाव का एक स्पष्ट उदाहरण है। हैम्पशायर के प्रशंसक निश्चित रूप से रॉड ब्रान्सग्रोव के योगदान को याद रखेंगे जिन्होंने न केवल क्लब को बचाया बल्कि उसे आधुनिक क्रिकेट की मुख्यधारा में लाकर खड़ा कर दिया।
