यशस्वी जायसवाल के वनडे टीम से बाहर होने पर भड़के फैंस: क्या बर्बाद हो रहा है भविष्य?
एक ‘जेनरेशनल टैलेंट’ को अनदेखा करने का दांव: जायसवाल के बाहर होने पर बवाल
मंगलवार की दोपहर भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं थी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी 6 जून से शुरू होने वाली द्विपक्षीय टेस्ट और वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया की घोषणा की। हालांकि, इस टीम लिस्ट में जिस एक नाम की अनुपस्थिति ने सबसे ज्यादा चर्चा बटोरी, वह थे यशस्वी जायसवाल। यशस्वी, जिन्हें भविष्य के सलामी बल्लेबाज के रूप में देखा जा रहा था, उन्हें वनडे टीम से बाहर रखना प्रशंसकों के गले नहीं उतर रहा है।
प्रशंसकों का गुस्सा: ‘प्रतिभा को बर्बाद करने का तरीका’
जैसे ही टीम की आधिकारिक घोषणा हुई, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, विशेषकर X (पूर्व में ट्विटर) पर प्रशंसकों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रशंसकों का तर्क है कि जायसवाल जैसे खिलाड़ी को लगातार मौका न देना भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए घातक हो सकता है। कई लोगों ने इसे चयनकर्ताओं की एक बड़ी चूक बताया है। प्रशंसकों का गुस्सा इस बात पर भी है कि जायसवाल पिछले 2-3 सालों से टीम के साथ हर फॉर्मेट में जुड़े हुए थे और जब उन्होंने प्रदर्शन करना शुरू किया, तभी उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
जायसवाल का हालिया प्रदर्शन: क्या वाकई खराब था?
अगर हम आंकड़ों और हालिया फॉर्म पर नजर डालें, तो यशस्वी जायसवाल का वनडे करियर अभी शुरुआती चरण में ही है, लेकिन उन्होंने अपनी छाप छोड़ी है। 2023 में टेस्ट और टी20 डेब्यू के बाद, उन्हें 2025 की शुरुआत में वनडे में मौका मिला। इंग्लैंड के खिलाफ नागपुर में अपने डेब्यू मैच में वह केवल 15 रन बना सके थे, जिसके बाद विराट कोहली की वापसी के कारण उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा।
हालांकि, उनके करियर का असली मोड़ नवंबर-दिसंबर 2025 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आया। शुभमन गिल की गर्दन की चोट के कारण जायसवाल को मौका मिला और उन्होंने इसे बखूबी भुनाया। तीन मैचों की उस सीरीज में उन्होंने क्रमशः 18, 22 और निर्णायक मुकाबले में 121 गेंदों पर शानदार 116* रनों की नाबाद शतकीय पारी खेली। इस शतक के बाद माना जा रहा था कि उन्होंने रोहित शर्मा के साथ तीसरे सलामी बल्लेबाज के रूप में अपनी जगह पक्की कर ली है, लेकिन अफगानिस्तान सीरीज की टीम में उनका नाम न होना सबको हैरान कर गया।
मल्टी-डायमेंशनल खिलाड़ियों की ओर टीम मैनेजमेंट का झुकाव
टीम मैनेजमेंट के हालिया फैसलों से संकेत मिलता है कि वे अब ‘मल्टी-डायमेंशनल’ यानी बहुआयामी खिलाड़ियों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। यशस्वी जायसवाल की जगह इशान किशन को प्राथमिकता दी गई है, जो न केवल एक आक्रामक सलामी बल्लेबाज हैं, बल्कि विकेटकीपिंग का विकल्प भी प्रदान करते हैं। इसके अलावा, टीम में ऋषभ पंत की अनुपस्थिति ने नीतीश रेड्डी जैसे ऑलराउंडर के लिए भी जगह बनाई है।
पिछले 12-18 महीनों में यह देखा गया है कि टीम इंडिया उन खिलाड़ियों को अधिक पसंद कर रही है जो खेल के एक से अधिक विभागों में योगदान दे सकें। अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव का पिछले साल इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट मैचों में न खेलना इसी रणनीति का हिस्सा माना गया था। टी20 वर्ल्ड कप के दौरान भी इशान किशन को जायसवाल पर तरजीह दी गई थी क्योंकि वे विकेटकीपिंग भी कर सकते थे।
अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की वनडे टीम
अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए चुनी गई टीम इस प्रकार है:
- शुभमन गिल (कप्तान)
- रोहित शर्मा
- विराट कोहली
- श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान)
- केएल राहुल
- इशान किशन
- हार्दिक पांड्या
- नीतीश कुमार रेड्डी
- वाशिंगटन सुंदर
- कुलदीप यादव
- अर्शदीप सिंह
- प्रसिद्ध कृष्णा
- प्रिंस यादव
- गुरनूर बराड़
- हर्ष दुबे
सीरीज का कार्यक्रम
भारतीय टीम अफगानिस्तान के खिलाफ पहले एक मात्र टेस्ट मैच खेलेगी, जो 6 से 10 जून तक आयोजित होगा। इसके बाद, तीन मैचों की वनडे सीरीज 14 जून से शुरू होगी। फैंस की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या इशान किशन और शुभमन गिल की जोड़ी जायसवाल की कमी को पूरा कर पाएगी या फिर चयनकर्ताओं का यह फैसला उन पर भारी पड़ेगा।
निष्कर्ष
यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ी का बाहर होना निश्चित रूप से एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। एक ऐसे खिलाड़ी को बाहर रखना, जिसने अपने पिछले वनडे मैच में मैच जिताऊ शतक लगाया हो, किसी भी दृष्टिकोण से आसान फैसला नहीं होता। क्या यह केवल टीम संतुलन का मामला है या फिर यशस्वी को अभी और इंतजार करना होगा? यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल प्रशंसकों का आक्रोश चयनकर्ताओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है।
