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संजू सैमसन की धोनी जैसी स्टम्पिंग: हेनरिक क्लासेन का विकेट और मैच का टर्निंग पॉइंट

Reyansh Iyer · · 1 min read

संजू सैमसन की बिजली जैसी फुर्ती ने पलटा मैच का पासा

क्रिकेट के मैदान पर कभी-कभी एक पल पूरे मैच की तस्वीर बदल देता है। चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बीच खेले गए रोमांचक मुकाबले में कुछ ऐसा ही देखने को मिला। जब दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन अपनी लय में बल्लेबाजी कर रहे थे, तब संजू सैमसन की एक अद्भुत स्टम्पिंग ने मैच का रुख पूरी तरह से बदल दिया।

धोनी की यादें ताजा कर दीं सैमसन ने

संजू सैमसन द्वारा की गई यह स्टम्पिंग किसी भी मायने में महान विकेटकीपर एमएस धोनी के कौशल से कम नहीं थी। जिस चतुराई और फुर्ती के साथ सैमसन ने गेंद को पकड़ा और गिल्लियां बिखेरीं, उसने दर्शकों और क्रिकेट विशेषज्ञों का दिल जीत लिया। यह केवल एक विकेट नहीं था, बल्कि विकेटकीपिंग की कला का एक बेहतरीन नमूना था।

क्लासेन की शानदार पारी का हुआ अंत

हेनरिक क्लासेन उस समय बेहतरीन फॉर्म में थे और अर्धशतक की ओर बढ़ रहे थे। उन्होंने 26 गेंदों में 47 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, जिसमें छह चौके और दो छक्के शामिल थे। हालांकि, वे अपने अर्धशतक से केवल तीन रन दूर रह गए, जो सनराइजर्स हैदराबाद के लिए एक बड़ा झटका था। उनके आउट होने के बाद SRH की पारी लड़खड़ा गई और यह विकेट मैच का सबसे महत्वपूर्ण निर्णायक मोड़ बन गया।

क्या थी उस विकेट की कहानी?

मैच के 15वें ओवर की तीसरी गेंद पर सीएसके के स्पिनर नूर अहमद ने गेंदबाजी की। उन्होंने एंगल बदलते हुए विकेट के ऊपर से एक शानदार गुगली डाली। क्लासेन इस गेंद पर ‘इनसाइड-आउट’ शॉट खेलने के लिए लेग साइड की ओर झुके, लेकिन गेंद और बल्ले का संपर्क कुछ इंच से चूक गया। शॉट खेलने की कोशिश में क्लासेन का पिछला पैर क्रीज से कुछ मिलीमीटर बाहर निकल गया। संजू सैमसन, जो पूरी तरह से सतर्क थे, ने पलक झपकते ही गिल्लियां उड़ा दीं। थर्ड अंपायर ने रिप्ले में देखा तो क्लासेन का पैर क्रीज से थोड़ा बाहर था, और उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा।

मैच का प्रभाव

इस विकेट ने न केवल रन गति को धीमा किया, बल्कि सीएसके के गेंदबाजों को खेल में वापस आने का मौका भी दिया। एक ऐसे बल्लेबाज का आउट होना जो क्रीज पर सेट हो चुका था, हैदराबाद की टीम के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से काफी भारी पड़ा। संजू सैमसन की इस ‘धोनी-एस्क’ स्टम्पिंग ने साबित कर दिया कि क्यों उन्हें दुनिया के बेहतरीन विकेटकीपरों में गिना जाता है। क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि ऐसे ही छोटे-छोटे पल बड़े मैचों का परिणाम तय करते हैं।

निष्कर्ष

हेनरिक क्लासेन जैसे खतरनाक बल्लेबाज को इस तरह से आउट करना संजू सैमसन की परिपक्वता और खेल के प्रति उनकी समझ को दर्शाता है। चेपॉक की स्पिन-अनुकूल पिच पर विकेटकीपर का काम और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है, जिसे सैमसन ने बखूबी अंजाम दिया। यह मुकाबला लंबे समय तक प्रशंसकों की यादों में रहेगा, विशेष रूप से उस स्टम्पिंग के कारण जिसने सीएसके को एक बड़ी जीत की ओर अग्रसर किया।

Reyansh Iyer
Reyansh Iyer

Reyansh Iyer is a lead contributor at getcricket.co, focusing on international fixtures and data-driven analysis. A cricket historian at heart, he balances modern T20 analytics with a deep respect for the traditions of the Test game.