IPL 2026: ऋतुराज गायकवाड़ की धीमी बल्लेबाजी पर भड़के सीएसके फैंस, सोशल मीडिया पर जमकर बरसे
चेन्नई सुपर किंग्स की मुश्किलों के बीच ऋतुराज गायकवाड़ की बल्लेबाजी पर उठे सवाल
आईपीएल 2026 के 63वें मुकाबले में जब चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की मेजबानी की, तो प्रशंसकों को एक आक्रामक खेल की उम्मीद थी। हालांकि, एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में जो देखने को मिला, उसने सीएसके समर्थकों को बुरी तरह निराश किया। टीम के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने एक बार फिर धीमी बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया, जिससे उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी तकनीक दोनों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मैदान पर संघर्ष और टीम की रणनीति
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला करने वाले गायकवाड़ का उद्देश्य एक मजबूत स्कोर खड़ा करना था। पिच थोड़ी सूखी और धीमी थी, लेकिन कप्तान खुद लय हासिल करने में नाकाम रहे। संजू सैमसन ने जरूर 13 गेंदों में 27 रनों की तेज शुरुआत दी, लेकिन उनके आउट होने के बाद पारी लड़खड़ा गई। कार्तिकेय शर्मा ने कुछ अच्छे शॉट्स जरूर खेले, लेकिन गायकवाड़ दूसरी तरफ संघर्ष करते नजर आए।
बिना बाउंड्री वाली पारी ने बढ़ाई चिंता
ऋतुराज गायकवाड़ की इस पारी का सबसे निराशाजनक पहलू यह रहा कि उन्होंने अपनी 21 गेंदों की पारी में एक भी बाउंड्री नहीं लगाई। पैट कमिंस ने उन्हें 15 रनों के निजी स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। इस सीजन में गायकवाड़ का औसत और स्ट्राइक रेट दोनों ही चिंता का विषय बने हुए हैं। 123.80 के स्ट्राइक रेट के साथ खेलना टी20 क्रिकेट के आधुनिक मानकों के अनुरूप नहीं है, खासकर तब जब बाकी टीमें बड़े स्कोर बना रही हैं।
कोच फ्लेमिंग का बचाव और फैंस का गुस्सा
मैच के दौरान सीएसके के मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने गायकवाड़ के बचाव में कहा कि धीमी सतह पर एक छोर संभालना जरूरी होता है और ऋतुराज स्थिति को समझते हैं। हालांकि, फैंस इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हैं। सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा साफ देखा जा सकता है, जहां कई लोगों ने ऋतुराज की तुलना अजिंक्य रहाणे से करते हुए कहा कि उनकी बल्लेबाजी ‘डिफेंसिव’ है और यह टीम के लिए नुकसानदायक है।
सोशल मीडिया पर फैंस की कड़ी प्रतिक्रियाएं
ट्विटर और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर प्रशंसकों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि ऋतुराज गायकवाड़ खुद सीएसके के खराब प्रदर्शन का कारण बन रहे हैं। कुछ प्रशंसकों ने तो यहाँ तक मांग कर दी है कि आगामी नीलामी से पहले उन्हें टीम से रिलीज कर देना चाहिए। फैंस का मानना है कि सरफराज खान जैसे खिलाड़ियों को बाहर बिठाना और खुद ‘टुक-टुक’ बल्लेबाजी करना टीम के साथ अन्याय है।
निष्कर्ष: क्या बदलाव का समय आ गया है?
एक आक्रामक लीग में जहां हर टीम तेजी से रन बनाने की कोशिश कर रही है, गायकवाड़ की यह রক্ষণাত্মক दृष्टिकोण सीएसके की बल्लेबाजी लाइनअप को भारी पड़ रहा है। कप्तान के रूप में उन पर दबाव साफ दिख रहा है, और यदि वे अपनी बल्लेबाजी शैली में सुधार नहीं करते हैं, तो चेन्नई की राह और भी मुश्किल हो सकती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या टीम प्रबंधन अपनी रणनीति में कोई बदलाव करेगा या गायकवाड़ इसी तरह अपनी कप्तानी जारी रखेंगे।
