Bangladesh Cricket

BAN vs PAK Sylhet Test Day 3: मुशफिकुर रहीम के शतक से बांग्लादेश ने पाकिस्तान को दिया 437 रनों का लक्ष्य

Rohan Mehta · · 1 min read

बांग्लादेश का दबदबा: पाकिस्तान के सामने 437 रनों की विशाल चुनौती

सिलेट में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन बांग्लादेश ने अपनी पकड़ पूरी तरह से मजबूत कर ली है। बांग्लादेशी बल्लेबाजों, विशेष रूप से मुशफिकुर रहीम के शानदार प्रदर्शन की बदौलत टीम ने पाकिस्तान के सामने एक ऐसा लक्ष्य रखा है, जिसे हासिल करना किसी भी टीम के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। 437 रनों का यह लक्ष्य टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक कठिन लक्ष्य माना जाता है, और पाकिस्तान को इस मैच को बचाने या जीतने के लिए असाधारण बल्लेबाजी की आवश्यकता होगी।

मुशफिकुर रहीम की मैराथन पारी और रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन

तीसरे दिन की सबसे बड़ी विशेषता अनुभवी बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम की बल्लेबाजी रही। उन्होंने पाकिस्तानी गेंदबाजों का डटकर सामना किया और 233 गेंदों पर 137 रनों की यादगार पारी खेली। उनकी इस पारी में न केवल धैर्य था, बल्कि रन बनाने की भूख भी स्पष्ट दिखाई दे रही थी। रहीम तब तक क्रीज पर डटे रहे जब तक कि वह टीम के अंतिम आउट होने वाले खिलाड़ी नहीं बन गए। उनकी इस पारी ने बांग्लादेश को 390 रनों के कुल योग तक पहुँचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

महत्वपूर्ण साझेदारियाँ और लिटन दास का योगदान

बांग्लादेश ने दूसरे दिन के खेल के अंत में 110 रन पर 3 विकेट खो दिए थे। तीसरे दिन की शुरुआत में टीम को एक बड़ा झटका लगा जब कप्तान नजमुल हुसैन शांतो जल्दी पवेलियन लौट गए। शांतो के आउट होने के बाद पारी को संभालने की जिम्मेदारी मुशफिकुर रहीम और लिटन दास पर आ गई। इन दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर पांचवें विकेट के लिए 123 रनों की शानदार साझेदारी की, जिसने पाकिस्तान के गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया।

लिटन दास, जिन्होंने पहली पारी में भी शानदार शतक जड़ा था, दूसरी पारी में भी लय में दिखे। उन्होंने 92 गेंदों पर आक्रामक 69 रन बनाए। उनकी पारी ने बांग्लादेश के स्कोरिंग रेट को बनाए रखा और पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा। हालांकि, लिटन के आउट होने के बाद भी बांग्लादेश की रन गति कम नहीं हुई।

निचले क्रम का संघर्ष और तैजुल इस्लाम का साथ

मेहदी हसन मिराज के सस्ते में आउट होने के बाद, मुशफिकुर रहीम को निचले क्रम के बल्लेबाज तैजुल इस्लाम का अच्छा साथ मिला। तैजुल ने हालांकि केवल 22 रन बनाए, लेकिन उन्होंने 51 गेंदों का सामना करते हुए मुशफिकुर को दूसरे छोर पर टिके रहने का अवसर दिया। इन दोनों के बीच 77 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई, जिसने यह सुनिश्चित किया कि बांग्लादेश का लक्ष्य 400 के करीब पहुँच जाए। बांग्लादेश की पूरी टीम 102.2 ओवरों में 390 रन बनाकर सिमट गई, जिससे पाकिस्तान को 437 रनों का लक्ष्य मिला।

पाकिस्तान की सतर्क शुरुआत और खराब रोशनी का खलल

दिन के खेल के अंतिम कुछ समय में पाकिस्तान को अपनी दूसरी पारी शुरू करनी थी। बांग्लादेश के तेज गेंदबाजों, तस्कीन अहमद और शोरफुल इस्लाम ने पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाजों को कड़ी चुनौती दी। दो ओवरों के खेल के दौरान बांग्लादेशी गेंदबाजों ने धारदार गेंदबाजी की और दोनों ही ओवर मेडन रहे। पाकिस्तान का स्कोर बिना किसी रन के 0 विकेट था, तभी अंपायरों ने खराब रोशनी (Bad Light) के कारण खेल को रोकने का फैसला किया।

मैच की वर्तमान स्थिति और आगे की राह

बांग्लादेश के पास पहली पारी के आधार पर 46 रनों की बढ़त थी, जिसे जोड़कर अब पाकिस्तान को कुल 437 रन बनाने हैं। सिलेट की पिच पर चौथे और पांचवें दिन बल्लेबाजी करना आसान नहीं होगा, क्योंकि गेंद के टर्न होने और नीची रहने की संभावना अधिक है।

  • बांग्लादेश: पहली पारी 110/3 से आगे बढ़ते हुए 390 रन (कुल लक्ष्य 437)।
  • मुशफिकुर रहीम: 137 रन, 233 गेंदें।
  • लिटन दास: 69 रन, 92 गेंदें।
  • पाकिस्तान: दूसरी पारी 0/0 (2 ओवर के बाद)।

अब सारा दारोमदार पाकिस्तान के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों पर है। क्या वे इस पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा कर पाएंगे या बांग्लादेशी स्पिनर अपनी फिरकी के जाल में उन्हें फंसा लेंगे? चौथे दिन का खेल बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है, बशर्ते मौसम और रोशनी साथ दें। बांग्लादेश इस समय ड्राइविंग सीट पर है और उनकी नजरें इस टेस्ट मैच को जीतकर सीरीज में बढ़त बनाने पर होंगी।

Rohan Mehta
Rohan Mehta

Rohan Mehta combines a scout’s eye for talent with a fan’s pure passion for the game. As a featured columnist for getcricket.co, he spends his days tracking delivery speeds and his nights debating the finer points of the "Spirit of Cricket." From the dusty pitches of local circuits to the floodlights of world-class stadiums, Adrian is dedicated to delivering the "why" behind the scoreboard. When he isn't crunching numbers or interviewing players, you’ll likely find him arguing that Test cricket is still the ultimate format of the sport.