स्पेंसर जॉनसन का दावा: चोट से वापसी के बाद और तेज गेंदबाजी करने के लिए तैयार
स्पेंसर जॉनसन की वापसी: गति और आत्मविश्वास का नया संगम
एक साल तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद मैदान पर वापसी करना किसी भी खिलाड़ी के लिए चुनौतीपूर्ण होता है, खासकर तब जब आप एक तेज गेंदबाज हों। ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज स्पेंसर जॉनसन के लिए यह सफर आसान नहीं था, लेकिन लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में 140 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी करके उन्होंने अपनी वापसी का जोरदार ऐलान किया है।
पीठ की चोट से संघर्ष और तकनीकी सुधार
आईपीएल 2025 और 2026 के बीच प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहे जॉनसन ने खुलासा किया कि उनके लिए यह समय काफी अनिश्चितता भरा था। चोट से उबरने के बाद, उन्होंने अपनी गेंदबाजी एक्शन पर काम करने का फैसला किया। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज रयान हैरिस की मदद से उन्होंने अपनी तकनीक में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए ताकि भविष्य में पीठ पर अनावश्यक तनाव न पड़े।
जॉनसन ने बताया, ‘ऑस्ट्रेलिया में तकनीक पर बहुत जोर दिया जाता है। मैंने अपनी रन-अप की दिशा को थोड़ा सीधा किया ताकि मेरा पूरा मोमेंटम सही दिशा में हो और मेरी पीठ पर दबाव कम पड़े।’ इन छोटे लेकिन प्रभावी बदलावों ने उन्हें फिर से लय हासिल करने में मदद की है।
चेन्नई सुपर किंग्स का साथ और एरिक सिमंस का मार्गदर्शन
सीएसके में शामिल होने के बाद, गेंदबाजी कोच एरिक सिमंस ने उनकी कार्यक्षमता (लोड) को धीरे-धीरे बढ़ाने पर काम किया। जॉनसन ने कहा, ‘एरिक के साथ ट्रेनिंग ने मुझे मैच के लिए तैयार किया। हालांकि मुझे इस बात को लेकर थोड़ी चिंता थी कि पहला मैच कैसा जाएगा, लेकिन टीम प्रबंधन, कोच फ्लेमिंग और कप्तान रुतुराज गायकवाड़ का समर्थन पाकर मैं काफी सहज महसूस कर रहा हूं।’
गति को और बढ़ाने का संकल्प
लखनऊ के खिलाफ अपने 4 ओवर के स्पेल में 39 रन देकर 1 विकेट लेने वाले जॉनसन का मानना है कि यह तो बस शुरुआत है। उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी गति को 145 किमी प्रति घंटे से ऊपर ले जाने की दिशा में काम कर रहा हूं। मुझे यकीन है कि जैसे-जैसे मैं और अधिक मैच खेलूंगा, मेरा आत्मविश्वास बढ़ेगा और मैं और भी तेज गेंदबाजी कर पाऊंगा। मुझे लगता है कि मैं शारीरिक रूप से बेहतर होता जा रहा हूं।’
आईपीएल का दबाव और क्रिकेट का आनंद
आईपीएल जैसे दुनिया के सबसे बड़े टूर्नामेंट में खेलने का दबाव अलग होता है। लेकिन जॉनसन इसे एक अवसर के रूप में देखते हैं। उनका कहना है, ‘मैं यहां दबाव का आनंद ले रहा हूं। सीएसके जैसी बेहतरीन फ्रेंचाइजी के लिए खेलना एक सौभाग्य की बात है। मैं मैदान पर हर पल को जीना चाहता हूं, यही कारण है कि आप मुझे गेंदबाजी करते समय मुस्कुराते हुए देखते हैं।’
प्लेऑफ की दौड़ में सीएसके की उम्मीद
जेमी ओवरटन के बाहर होने के बाद, सीएसके के गेंदबाजी आक्रमण में स्पेंसर जॉनसन की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। उनकी गति और बाएं हाथ का एंगल टीम को विपक्षी बल्लेबाजों के खिलाफ एक अलग बढ़त देता है। जॉनसन ने अंत में कहा, ‘यह एक चुनौतीपूर्ण अनुभव है, लेकिन मैं दुनिया में कहीं और नहीं, बल्कि यहीं चेन्नई के साथ रहना चाहता हूं। हमारा लक्ष्य प्लेऑफ में जगह बनाना है और मैं उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार हूं।’
जॉनसन का यह सफर उन सभी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो चोट के बाद वापसी करने की कोशिश कर रहे हैं। अनुशासन, सही मार्गदर्शन और खेल के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ, स्पेंसर जॉनसन निश्चित रूप से आने वाले समय में विश्व क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार हैं।
