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ऋषभ पंत से छिन सकती है टेस्ट उप-कप्तानी, बीसीसीआई का बड़ा फैसला

Rohan Mehta · · 1 min read

ऋषभ पंत की कप्तानी पर बीसीसीआई का बड़ा फैसला

भारतीय क्रिकेट में इस समय बड़े बदलावों की चर्चा जोरों पर है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीसीसीआई ऋषभ पंत को टेस्ट प्रारूप में उप-कप्तानी की जिम्मेदारी से मुक्त करने पर विचार कर रही है। यह फैसला मुख्य रूप से उनकी बल्लेबाजी फॉर्म और कप्तानी के दौरान लिए गए फैसलों के मूल्यांकन के बाद लिया जा रहा है। जून में अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले चयन समिति इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है।

बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत

बीसीसीआई के सूत्रों का मानना है कि ऋषभ पंत एक ‘मैच-विनर’ खिलाड़ी हैं, और उन पर कप्तानी का अतिरिक्त दबाव उनकी बल्लेबाजी शैली को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहा है। एक सूत्र ने कहा, ‘भारतीय क्रिकेट टीम ऋषभ पंत जैसे आक्रामक बल्लेबाज को खोने का जोखिम नहीं उठा सकती। उन्होंने कई बार अपनी बल्लेबाजी से टेस्ट मैच जिताए हैं। चयनकर्ताओं का मानना है कि जिम्मेदारी का बोझ उनके फैसलों और बल्लेबाजी पर असर डाल रहा है।’ यह निर्णय उन्हें एक स्वतंत्र और निडर बल्लेबाज के रूप में फिर से स्थापित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

आईपीएल और दक्षिण अफ्रीका दौरे का प्रभाव

पंत की कप्तानी को लेकर चिंताएं उनके पिछले दो आईपीएल सीजन और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच के दौरान उनके प्रदर्शन के बाद पैदा हुई हैं। बीसीसीआई को लगता है कि नेतृत्व की भूमिका उनके स्वाभाविक खेल में बाधा डाल रही है। चयन समिति का स्पष्ट मानना है कि पंत को केवल विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने से टीम को अधिक लाभ होगा।

वनडे टीम में भी बढ़ सकती है मुश्किलें

सिर्फ टेस्ट प्रारूप ही नहीं, बल्कि ऋषभ पंत के लिए वनडे क्रिकेट में भी अपनी जगह बनाए रखना एक चुनौती बन गया है। वर्तमान में ध्रुव जुरेल, ईशान किशन, संजू सैमसन और केएल राहुल जैसे खिलाड़ी विकेटकीपर के रूप में अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं। गौरतलब है कि ऋषभ पंत ने अगस्त 2024 के बाद से कोई भी वनडे मैच नहीं खेला है। यदि उनकी फॉर्म में सुधार नहीं होता है, तो आगामी वनडे सीरीज के लिए 15 सदस्यीय टीम में भी उन्हें जगह मिलने पर संशय बना हुआ है। गुवाहाटी में 18 मई को होने वाली चयन समिति की बैठक में इन तमाम बिंदुओं पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

जसप्रीत बुमराह के वर्कलोड पर बीसीसीआई की नजर

टीम इंडिया की महत्वपूर्ण कड़ी जसप्रीत बुमराह को लेकर भी बीसीसीआई पूरी तरह सतर्क है। वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत बोर्ड बुमराह के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बुमराह को केवल अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में खिलाया जा सकता है, वह भी तब जब मेडिकल स्टाफ उनकी फिटनेस को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हो। उन्हें वनडे सीरीज से दूर रखा जा सकता है ताकि किसी भी संभावित चोट से बचा जा सके। 2023 वर्ल्ड कप के बाद से बुमराह ने वनडे नहीं खेला है और उनकी पीठ की चोट के इतिहास को देखते हुए बोर्ड उन्हें लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता।

निष्कर्ष

भारतीय क्रिकेट टीम के लिए आने वाला दौरा काफी महत्वपूर्ण है। बीसीसीआई का मुख्य लक्ष्य आगामी दौरों के लिए खिलाड़ियों का सही प्रबंधन करना है। जहां ऋषभ पंत जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी को निखारने के लिए नेतृत्व का बोझ कम किया जा रहा है, वहीं बुमराह जैसे मुख्य गेंदबाजों को सुरक्षित रखा जा रहा है। आने वाले दिनों में चयन समिति का फैसला भारतीय क्रिकेट की भविष्य की दिशा तय करेगा। प्रशंसकों को उम्मीद है कि इन बदलावों से पंत की बल्लेबाजी में फिर से वह पुराना आक्रामक अंदाज देखने को मिलेगा जो टीम इंडिया की जीत के लिए बेहद जरूरी है।

Rohan Mehta
Rohan Mehta

Rohan Mehta combines a scout’s eye for talent with a fan’s pure passion for the game. As a featured columnist for getcricket.co, he spends his days tracking delivery speeds and his nights debating the finer points of the "Spirit of Cricket." From the dusty pitches of local circuits to the floodlights of world-class stadiums, Adrian is dedicated to delivering the "why" behind the scoreboard. When he isn't crunching numbers or interviewing players, you’ll likely find him arguing that Test cricket is still the ultimate format of the sport.