सौरव गांगुली ने एमएस धोनी की बल्लेबाजी शैली और 2019 विश्व कप हार पर की आलोचना
सौरव गांगुली का एमएस धोनी की बल्लेबाजी पर कड़ा विश्लेषण
भारतीय क्रिकेट में सौरव गांगुली और एमएस धोनी दो ऐसे नाम हैं जिन्होंने टीम इंडिया को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। हालांकि, हाल ही में सौरव गांगुली ने एमएस धोनी के बल्लेबाजी करियर को लेकर कुछ ऐसी बातें कही हैं, जिन्होंने क्रिकेट गलियारों में चर्चा छेड़ दी है। गांगुली ने धोनी के करियर को दो अलग-अलग चरणों में विभाजित किया और स्पष्ट रूप से बताया कि उन्हें कौन सा धोनी अधिक पसंद था।
राज शमानी के यूट्यूब शो पर बातचीत के दौरान, गांगुली ने याद किया कि जब धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था, तो वह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और छक्के लगाने की अद्भुत क्षमता के लिए जाने जाते थे। गांगुली का मानना है कि धोनी का वह शुरुआती दौर सबसे शानदार था।
धोनी के करियर का दूसरा चरण: क्या आक्रामकता कम हुई?
सौरव गांगुली ने कहा, ‘मैंने बहुत कम खिलाड़ियों को धोनी की तरह छक्के मारते देखा है। जब वह कप्तान के रूप में मेरे नेतृत्व में टीम में आए थे, तब वह बहुत छक्के लगाते थे। उसके बाद, मुझे एमएस धोनी का दूसरा चरण उतना पसंद नहीं आया जितना कि पहला।’
गांगुली ने आगे जोड़ा, ‘धोनी उस समय मजे के लिए छक्के मारते थे। बाद के वर्षों में, जब वह सिंगल और डबल लेने पर ज्यादा ध्यान देने लगे, तो वह शैली मुझे उतनी आकर्षक नहीं लगी। हालांकि, बाद में वह एक बड़े खिलाड़ी और भारत के महान कप्तान बने, इसमें कोई दो राय नहीं है।’
2019 विश्व कप सेमीफाइनल: वो हार जिसने धोनी को बदल दिया
चर्चा के दौरान 2019 आईसीसी विश्व कप के सेमीफाइनल मैच का भी जिक्र हुआ, जिसमें भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। उस मैच में धोनी की फिनिशिंग शैली पर काफी सवाल उठे थे। गांगुली और क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि उस मैच में धोनी अपना ‘मिडास टच’ खो चुके थे।
जब टीम इंडिया के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज जल्दी आउट हो गए थे, तब धोनी और रवींद्र जडेजा ने पारी को संभालने की कोशिश की थी। जडेजा ने आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन उनके आउट होने के बाद सारा दारोमदार धोनी पर आ गया। धोनी उस मैच को फिनिश करने में असफल रहे, जो उनकी पहचान थी। खुद धोनी ने बाद में स्वीकार किया था कि वह हार उन्हें अंदर तक तोड़ गई थी और उसी समय उन्होंने संन्यास लेने का फैसला कर लिया था।
आईपीएल 2026 और एमएस धोनी का भविष्य
वर्तमान की बात करें तो, एमएस धोनी आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के साथ जुड़े हुए हैं। हालांकि, टखने की चोट के कारण वह इस सीजन में अब तक एक भी मैच नहीं खेल पाए हैं। 44 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज के लिए यह सीजन उनका आखिरी ‘डांस’ माना जा रहा है।
धोनी के बिना भी सीएसके ने ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में टूर्नामेंट में वापसी की है और प्लेऑफ की दौड़ में बनी हुई है। फैंस को उम्मीद है कि क्या धोनी अपनी फिटनेस हासिल कर पाएंगे और क्या उन्हें इस सीजन के अंत में मैदान पर एक बार फिर अपना जादुई अंदाज दिखाते हुए देखा जा सकेगा।
निष्कर्ष
सौरव गांगुली की यह टिप्पणी एक पूर्व कप्तान का दृष्टिकोण है जो आक्रामक क्रिकेट को पसंद करता है। धोनी का करियर एक लंबी यात्रा रहा है—एक तूफानी बल्लेबाज से लेकर एक जिम्मेदार फिनिशर और एक चतुर कप्तान तक। भले ही गांगुली को उनका शुरुआती आक्रामक अंदाज अधिक पसंद हो, लेकिन दुनिया भर के फैंस के लिए धोनी का हर एक रूप प्रेरणादायक रहा है। क्या धोनी आईपीएल 2026 के अंतिम मैचों में वापसी करेंगे? यह सवाल हर सीएसके प्रशंसक के मन में है, और इसका जवाब आने वाले कुछ दिनों में मिल जाएगा।
