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विराट कोहली: 2027 विश्व कप से पहले नए टूर्नामेंट खेलने का संकेत

Rohan Mehta · · 1 min read

विराट कोहली: 2027 विश्व कप की तैयारी और नए क्षितिज

भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक, विराट कोहली, ने हाल ही में एक बड़ा संकेत दिया है जो उनके प्रशंसकों और क्रिकेट जगत के लिए रोमांचक खबर है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान, 37 वर्षीय कोहली ने 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप के लिए भारत की तैयारियों के मद्देनजर एक नए टूर्नामेंट में खेलने की अपनी इच्छा का खुलासा किया। यह घोषणा उन अटकलों को शांत करने वाली है जो उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के भविष्य को लेकर चल रही थीं, और यह स्पष्ट करती है कि कोहली अभी भी बड़े मंच पर चमकने के लिए उत्सुक हैं।

वर्तमान आईपीएल 2026 सीज़न में विराट कोहली शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने 12 मैचों में 484 रन बनाए हैं, जिसमें कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ एक शतक भी शामिल है। उनकी बल्लेबाजी में वही पुरानी धार और निरंतरता दिख रही है, जो उन्हें दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में से एक बनाती है। हालांकि, व्यक्तिगत रिकॉर्ड और आईपीएल की सफलता के बावजूद, कोहली का अंतिम लक्ष्य हमेशा भारत के लिए आगामी विश्व कप खेलना रहा है। उनकी यह प्रतिबद्धता भारतीय क्रिकेट के प्रति उनके गहरे समर्पण को दर्शाती है।

विजय हजारे ट्रॉफी में वापसी: खेल के प्रति अटूट प्रेम

हाल ही में, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अनुबंधित खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट खेलना अनिवार्य कर दिया था। इस नियम के तहत, विराट कोहली ने विजय हजारे 2025-26 सीज़न में दिल्ली के लिए वापसी की। उन्होंने केवल दो मैच खेले, जिसमें उन्होंने 131 और 77 रनों की प्रभावशाली पारियां खेलीं, जिससे उन्होंने अपनी क्षमता और फॉर्म का दमदार प्रदर्शन किया। यह उनकी वापसी केवल औपचारिकता नहीं थी, बल्कि यह उनके खेल के प्रति गंभीर रवैये का प्रमाण थी।

आरसीबी पॉडकास्ट के दौरान, कोहली ने विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने के अपने अनुभव को खुलकर साझा किया। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआत में उनके मन में यह सवाल था कि क्या इतने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर के बाद घरेलू क्रिकेट उन्हें अभी भी प्रेरित कर पाएगा। उनका यह विचार स्वाभाविक था, क्योंकि एक खिलाड़ी जो लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्चतम प्रतिस्पर्धा में खेलता है, उसके लिए घरेलू सर्किट में वापसी करना मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

कोहली ने कहा, “मैंने विजय हजारे भी ऐसे ही खेला था। यह अद्भुत था। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में कोई भी व्यक्ति नहीं था। पहले, मैंने सोचा, ‘मैं इतने लंबे समय से खेल रहा हूं और क्या यह पर्याप्त प्रेरणादायक होगा?'” यह दर्शाता है कि वह भी मानवीय भावनाओं और संदेहों से गुजरते हैं।

हालांकि, एक बार जब उन्होंने केवल खेल के आनंद और बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित किया, तो सब कुछ बदल गया। उन्हें लगा कि वह फिर से एक बच्चे की तरह खेल रहे हैं, बिना किसी दबाव या अपेक्षा के। उनका यह अनुभव स्पष्ट रूप से संकेत देता है कि विराट कोहली 2027 वनडे विश्व कप को अपना अंतिम लक्ष्य मानते हुए विजय हजारे जैसे टूर्नामेंट खेलना जारी रखेंगे। यह न केवल उन्हें मैच प्रैक्टिस देगा, बल्कि उन्हें खेल के मूल आनंद से भी जोड़े रखेगा।

उन्होंने आगे कहा, “लेकिन जैसे ही मेरा इरादा ‘मैं खेलना चाहता हूं क्योंकि मुझे खेलना पसंद है। मुझे बस बल्लेबाजी करना पसंद है। और मैं बस उस पर ध्यान केंद्रित करना चाहता हूं’ में बदल गया। और मुझे कोई परवाह नहीं थी। ऐसा नहीं था कि मैंने फील्डिंग नहीं की। मैंने पूरे खेल में फील्डिंग की, और मैं इधर-उधर डाइव लगा रहा था, और मुझे फिर से एक बच्चे जैसा महसूस हुआ।” यह उनके खेल के प्रति शुद्ध प्रेम और जुनून को उजागर करता है, जो उन्हें इस स्तर पर भी प्रेरित करता है।

2027 विश्व कप: कोहली का दृढ़ संकल्प और प्रतिबद्धता

आरसीबी पॉडकास्ट में, विराट कोहली ने भारत के लिए 2027 वनडे विश्व कप खेलने के अपने इरादे को स्पष्ट रूप से व्यक्त किया। इससे पहले, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने दावा किया था कि कोहली और रोहित शर्मा आगामी आईसीसी इवेंट के बारे में प्रतिबद्ध नहीं हैं। कोहली के बयान ने अगरकर के दावों का खंडन किया और उनके दृढ़ संकल्प को सामने रखा।

आरसीबी के सलामी बल्लेबाज ने साफ तौर पर कहा कि वह हर दिन कड़ी मेहनत और प्रशिक्षण सिर्फ एक कारण से कर रहे हैं। कोहली लगभग आश्चर्यचकित लग रहे थे कि लोग लगातार उनसे यह क्यों पूछते रहते हैं कि क्या वह इतने लंबे समय तक खेलना जारी रखना चाहते हैं। उनके लिए, यह सवाल ही बेतुका था, क्योंकि उनकी हर गतिविधि उनके खेल के प्रति समर्पण का प्रमाण है।

विराट कोहली ने आगे कहा, “मेरा मतलब है, यह 2027 (विश्व कप) की बात और वह सब, ईमानदारी से, मेरे लिए यह ऐसा है कि हम 2026 के मध्य में हैं। लेकिन मुझसे इतनी बार पूछा गया है, क्या आप 2027 खेलना चाहते हैं।” उनके इस बयान से पता चलता है कि वह अभी भी खुद को एक सक्रिय क्रिकेटर मानते हैं जिसके अधूरे सपने और महत्वाकांक्षाएं हैं, न कि कोई ऐसा व्यक्ति जो संन्यास के करीब है। यह अजीत अगरकर के दावे के बिल्कुल विपरीत है।

उन्होंने अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए कहा, “जैसे, मैं अपना घर क्यों छोड़ूंगा, अपना सामान क्यों लाऊंगा और कहूंगा, ‘मुझे नहीं पता कि मैं क्या चाहता हूं’। बेशक, अगर मैं खेल रहा हूं, तो मैं क्रिकेट खेलना चाहता हूं। मैं जारी रखना चाहता हूं। भारत के लिए विश्व कप खेलना अद्भुत है। लेकिन जैसा मैंने कहा, मूल्य दोनों तरफ से होना चाहिए।” उनका यह बयान उनके पेशेवर दृष्टिकोण और भारतीय क्रिकेट के लिए खेलने की उनकी गहरी इच्छा को दर्शाता है। वह स्पष्ट रूप से मानते हैं कि उनकी प्रतिबद्धता के बदले में उन्हें टीम में एक महत्वपूर्ण भूमिका और मूल्य मिलना चाहिए।

आईपीएल 2026 में आरसीबी का प्रदर्शन और कोहली का योगदान

इस बीच, चल रहे आईपीएल 2026 सीज़न में, गत चैंपियन आरसीबी अंक तालिका में शीर्ष पर है, जिसमें उन्होंने 12 मैचों में 16 अंक हासिल किए हैं। उन्होंने अपने पिछले मुकाबले में केकेआर को हराया था, जहां विराट कोहली ने 193 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक शानदार शतक (105 रन) बनाया था। यह जीत और कोहली का प्रदर्शन टीम की सफलता में उनके महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है।

आरसीबी के अभी पंजाब किंग्स (PBKS) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ 2 और मैच बाकी हैं। यदि वे इन दो मैचों में से कम से कम एक जीतते हैं, तो उनकी प्लेऑफ में जगह पक्की हो जाएगी। कोहली की निरंतरता और नेतृत्व आरसीबी को इस सीज़न में भी खिताब का प्रबल दावेदार बनाती है।

दूसरी ओर, पंजाब किंग्स के लिए, आरसीबी के खिलाफ जीतना उनके प्लेऑफ की उम्मीदों को जीवित रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे लगातार पांच मैच हार चुके हैं। कोहली का प्रदर्शन न केवल उनकी टीम के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह उनके निजी रूप से 2027 विश्व कप के लिए तैयार होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। यह साबित करता है कि वह अभी भी शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन करने में सक्षम हैं और उनके पास भारतीय टीम के लिए देने के लिए बहुत कुछ है।

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Rohan Mehta combines a scout’s eye for talent with a fan’s pure passion for the game. As a featured columnist for getcricket.co, he spends his days tracking delivery speeds and his nights debating the finer points of the "Spirit of Cricket." From the dusty pitches of local circuits to the floodlights of world-class stadiums, Adrian is dedicated to delivering the "why" behind the scoreboard. When he isn't crunching numbers or interviewing players, you’ll likely find him arguing that Test cricket is still the ultimate format of the sport.